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Yes Bank-Dish TV विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने Yes Bank के वोटिंग राइट्स फ्रिज करने के यूपी पुलिस के फैसले पर स्टे लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-हम गौतम बुद्ध नगर में बैठे पुलिस अधिकारी को शेयरहोल्डर्स के वोटिंग राइट्स रोकने की अनुमति नहीं दे सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 30, 2021 पर 2:40 PM
Yes Bank-Dish TV विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने Yes Bank के वोटिंग राइट्स फ्रिज करने के यूपी पुलिस के फैसले पर स्टे लगाया
Yes Bank को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

Yes Bank को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 30 नवंबर को यूपी पुलिस के उस फैसले पर स्टे लगा दिया जिसमें डिश टीवी के एनुअल जनरल मीटिंग में Yes Bank के वोटिंग राइट्स को फ्रीज कर दिया था। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में एक बेंच ने कहा कि कॉरपोरेट मामले में पुलिस की कार्रवाई अपवाद है और अगले आदेश तक इस पर स्टे लगा दिया गया है। बेंच ने कहा, "हम गौतम बुद्ध नगर में बैठे पुलिस अधिकारी को शेयरहोल्डर्स के वोटिंग राइट्स रोकने की अनुमति नहीं दे सकते हैं।" कोर्ट ने कहा, "पुलिस ने यहां वो काम किया है जो नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल ने नहीं किया है।"

Yes Bank की पैरवी कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने इस महीने की शुरुआत में ही यह सवाल उठाया था कि क्या यूपी पुलिस के पास यह अधिकार है कि वह Yes Bank को वोटिंग करने से रोक सके। यूपी पुलिस ने जब Yes Bank के वोटिंग राइट्स पर रोक लगाने का नोटिस भेजा तो सिंघवी ने आरोप लगाया कि इस नोटिस का मकसद डिश टीवी के सबसे बड़े निवेशक Yes Bank को वोटिंग करने से रोकना है।

अगर डिश टीवी के जनरल आम बैठक (AGM) के दौरान Yes Bank वोटिंग करता है तो वह डायरेक्टर्स के रीअप्वाइनमेंट के खिलाफ वोट करेगा। बैंक को ऐसा करने से रोकने के लिए AGM से पहले यूपी पुलिस ने Yes Bank के वोटिंग राइट्स रोकने का नोटिस भेजा।

Essel Group ने Yes Bank के खिलाफ जो केस किया था वह इस साल की शुरुआत में ही उसने वापस ले लिया। हालांकि इस मामले में दायर FIR अगस्त 2020 से ही चल रहा है और पुलिस ने इस मामले में एक साल बाद कार्रवाई की।

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