Zerodha के फाउंडर नितिन कामत ने 1 सितंबर को बताया कि उनकी कंपनी सेबी से एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) बनाने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। देश की सबसे बड़ी डिस्काउंड ब्रोकर कंपनी ने फरवरी 2021 में म्यूचुअल फंड लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था। अब सेबी की मंजूरी मिलने के बाद Zerodha कभी भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी शुरू कर सकती है।
इससे पहले अगस्त में बजाज फिनसर्व को सेबी से AMC शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री 35 लाख करोड़ रुपए की है।
Zerodha के डिस्काउंड ब्रोकरेज बिजनेस का फोकस ट्रांजैक्शन कॉस्ट को कम करना है। कंपनी ने सस्ते फंड लॉन्च करने की योजना बनाई थी। कामत ने तब कहा था, "पैसिव, सिंपल, सस्ते-इंडेक्स पर ट्रेड होने वाले फंड पेश किए जाएंगे।"
कामत का कहना है कि अगर म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट्स आसान होंगे तभी निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा।
Zerodha ने अपना सफर 2010 में "20 रुपए प्रति ऑर्डर ब्रोकर" के तौर पर शुरू किया था। कोई अतिरिक्त शुल्क ना होने और कम ब्रोकरेज होने के कारण धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई। खासतौर पर ज्यादा वॉल्यूम वाले डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स के बीच Zerodha की लोकप्रियता सबसे ज्यादा रही।