वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 4.7 फीसदी घटकर 3097 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 3250 करोड़ रुपये रहा था।

वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 4.7 फीसदी घटकर 3097 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 3250 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में इंफोसिस की आय 2.8 फीसदी घटकर 13411 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में इंफोसिस की आय 13796 करोड़ रुपये रही थी। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय 221.8 करोड़ डॉलर से घटकर 215.9 करोड़ डॉलर रही है।
तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में इंफोसिस का एबिट 3689 करोड़ रुपये से घटकर 3449 करोड़ रुपये रहा है। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में इंफोसिस का एबिट मार्जिन 26.74 फीसदी से घटकर 25.72 फीसदी रहा। इंफोसिस के बोर्ड ने 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर का ऐलान किया है।
चौथी तिमाही में इंफोसिस का एट्रिशन रेट 13.4 फीसदी रहा। वहीं इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2016 में आय में 10-12 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान जताया है। वित्त वर्ष 2016 के दौरान रुपये वाली आय में 8.4-10.4 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है। इसके अलावा डॉलर आय में 6.2-8.2 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है। इंफोसिस की गाइडेंस नैस्कॉम से कम है। लेकिन इंफोसिस की वित्त वर्ष 2016 की गाइडेंस उम्मीद से बेहतर है।
इंफोसिस का कहना है कि कंपनी ने डिविडेंड पेआउट रेश्यो बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है। कंपनी ने कैलिडस का 12 करोड़ डॉलर में अधिग्रहण किया है। चौथी तिमाही में सर्विस ग्रोथ उम्मीद से कम रही है।
इंफोसिस के मुताबिक चौथी तिमाही में 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा का 1 ग्राहक जोड़ा है और अब कुल ग्राहकों की संख्या 15 हो गई है। चौथी तिमाही में 1 करोड़ डॉलर से ज्यादा की कैटेगरी में 5 ग्राहक जोड़े हैं और इन ग्राहकों की संख्या 159 हो गई है। इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का का कहना है कि पूरी आईटी इंडस्ट्री के ही नतीजे खराब हैं, और सबके सामने एक जैसी ही दिक्कतें हैं।
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