आठ अहम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स की ग्रोथ जून 2021 में कमजोर रही है। इससे पहले के दो महीनों मई और अप्रैल में कोर सेक्टर की ग्रोथ डबल डिजिट में थी। लेकिन जून महीने में यह घटकर 8.9 फीसदी पर आ गया है।
आठ अहम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स की ग्रोथ जून 2021 में कमजोर रही है। इससे पहले के दो महीनों मई और अप्रैल में कोर सेक्टर की ग्रोथ डबल डिजिट में थी। लेकिन जून महीने में यह घटकर 8.9 फीसदी पर आ गया है।
इस साल मई में कोर सेक्टर की ग्रोथ 16.3 फीसदी थी। इससे पहले अप्रैल में कोर सेक्टर की ग्रोथ लो बेस इफेक्ट के कारण 60.9 फीसदी थी।
भारत के 8 अहम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कोल, क्रूड ऑयल और इलेक्ट्रिसिटी की हिस्सेदारी 40 फीसदी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फिस्कल ईयर 2022 की जून तिमाही के दौरान इन सेक्टर्स की ग्रोथ साल-दर-साल आधार पर 25.3 फीसदी बढ़ा है।
इसके अलावा रिफाइनरी आउटपुट और स्टील प्रोडक्शन की ग्रोथ में कमी आई है। मई 2021 में इन दोनों सेक्टर की ग्रोथ डबल डिजिट में थी लेकिन इस बार इनमें कमी आ गई है। हालांकि इस दौरान फर्टीलाइजर के प्रोडक्शन में इजाफा हुआ है। इस साल मार्च में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ 12.6 फीसदी थी जबकि अनुमान 6.8 फीसदी का था।
IMF ने घटाया अनुमान
टरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए देश की ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) ग्रोथ का अनुमान 12.5 प्रतिशत से घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया है। इसके लिए IMF ने कोरोना की दूसरी लहर फैलने के कारण हुए नुकसान का कारण बताया है।
कोरोना की दूसरी लहर से इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा है और डिमांड में काफी कमी आई है।
IMF ने अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा है, "मार्च के मध्य में कोरोना की दूसरी लहर से फैलने के बाद देश में ग्रोथ की संभावनाएं कम हुई है। इससे बिजनेस कॉन्फिडेंस भी बहुत कमजोर हुआ है।"
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