Delta Variant: इम्यूनिटी से बच कर दोबारा संक्रमित कर देता है Covid-19 का ये वेरिएंट, स्टडी में दावा

स्टडी से पता चलता है कि म्यूटेशन का एक अनूठा सेट यानी ये कई बार म्यूटेट होकर, डेल्टा वायरस को ज्यादा संक्रामक बनाता है, लोगों में तेजी से फैलता है।
अपडेटेड Jun 25, 2021 पर 13:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश और दुनिया में कोरोनावायरस (Coronavirus) संक्रमण अब किसी न किसी नए वेरिएंट के रूप में लोगों के बीच फैल रहा है। इस बीच एक नई स्टडी ने सुझाव दिया है कि नए लोगों को चपेट में लेने की अपनी बेहतर क्षमता और जनसंख्या के एक बड़े हिस्से की इम्यूनिटी को खत्म करने के कारण डेल्टा (Delta Variant) भारत में एक सबसे खातक वेरिएंट बन गया है।


अध्ययन से पता चलता है कि म्यूटेशन का एक अनूठा सेट यानी ये कई बार म्यूटेट होकर, डेल्टा वायरस को ज्यादा संक्रामक बनाता है, लोगों में तेजी से फैलता है।


ये फाइंडिंग भारत के शोधकर्ताओं ने निकाले हैं। ये स्टडी तीन भारतीय शहरों में स्वास्थ्य कर्मियों के बीच वायरस के पैटर्न को ध्यान में रखते हुआ और लैब विश्लेषण के आधार पर की गई है। लैब विश्लेषण में ये देखा गया कि कौनसा वेरिएंट एंटीबॉडी के साथ-साथ किस तरह से ह्यूमन सेल्स को संक्रमित करता है। खासकर इसका फेफड़ों पर कितना असर होता है।


अध्ययन ने कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाले, जिनमें से कुछ, निश्चित रूप से, UK से आने वाले वास्तविक आंकड़ों से भी मिलते-जुलते हैं। शोधकर्ताओं में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की गुप्ता लैब के सहयोग से इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (IGIB) के वैज्ञानिक शामिल थे।


पेपर के लेखकों में से एक और इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेश पांडे कहते हैं, "पेपर की मुख्य खोज ये है कि डेल्टा वेरिएंट में एक अच्छी इम्यूनिटी को भी चखमा देने की क्षमता है, जैसा कि लैब में दिखाया गया है।"


उन्होंने बताया कि ये बहुत ही तेजी से दूसरे वेरिएंट रिप्लेस कर देता है। "पूरी तरह से वैक्सीनेट हुए स्वास्थ्य कर्मियों को फिर से अपनी चपेट में ले लिया।" पांडे ने आगे कहा, "लोगों के लिए, इसका मतलब ये है कि हमें बहुत सतर्क रहना होगा और सभी नियमों का पालन करना होगा, खासकर अब जब हम डेल्टा प्लस के मामले भी देख रहे हैं। हम अभी भी इसकी इम्यूनिटी से बचने की क्षमता के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। स्टडी अभी शुरू हुई है।"


स्टडी के लेखकों में से एक और इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा, "डेल्टा वेरिएंट में अभी तक सबसे ज्यादा ट्रांसफर होने की क्षमता है और पिछले संक्रमणों और वैक्सीन से मिली सुरक्षा को कम करता है।"


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