अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार मेकर Tesla को भारत में इम्पोर्ट ड्यूटी में कोई विशेष छूट नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार ने बताया है कि उसका किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी को हटाने या इसमें कमी करने का इरादा नहीं है। टेस्ला के CEO एलन मस्क ने हाल ही में कहा था कि उनकी कंपनी का देश में बिजनेस इसके इम्पोर्टेड मॉडल्स के प्रदर्शन पर टिका है।
टेस्ला के इम्पोर्टेड मॉडल्स के अधिक प्राइस के कारण इन पर 100 प्रतिशत तक इम्पोर्ट ड्यूटी लगेगी। इससे इन्हें खरीदना बहुत महंगा हो जाएगा।
संसद में मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर पावर एंड हेवी इंडस्ट्रीज, किशन पाल गुर्जर ने बताया कि हेवी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री ऐसे किसी प्रपोजल पर विचार नहीं कर रही। उनका कहना था कि सरकार देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर टैक्स घटाने और इनके लिए चार्जिंग की सुविधाएं बढ़ाने के जरिए इन व्हीकल्स को बढ़ावा दे रही है।
इससे टेस्ला की कारों पर इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट मिलने की मस्क की उम्मीद को झटका लगा है। इससे पहले मस्क ने एक ट्वीट में कहा था, "हम भारत में अपने व्हीकल्स लॉन्च करना चाहते हैं लेकिन वहां इम्पोर्ट ड्यूटी बहुत अधिक है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पेट्रोल और डीजल के समान माना जाता है। यह क्लाइमेट को लेकर भारत के लक्ष्यों से अलग दिखता है।"
हालांकि, देश की ऑटोमोबाइल कंपनियों का मानना है कि सभी कंपनियों को प्रतिस्पर्धा के लिए समान स्थिति मिलनी चाहिए।
टेस्ला के लिए अमेरिका के बाद चीन सबसे बड़ा मार्केट है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में कंपनी को चीन में सरकार की सख्ती के मुश्किलें हो रही हैं।