Covid-19 मैनेजमेंट के लिए पांच-स्तरीय रणनीति पर ध्यान दें राज्य, केंद्र ने 31 जुलाई तक बढ़ाई गाइडलाइंस

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को अपने पत्र में राज्यों से Covid-19 मैनेजमेंट के लिए राष्ट्रीय निर्देशों को सख्ती से लागू करने को कहा है

अपडेटेड Jun 30, 2021 पर 8:52 AM
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गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से "31 जुलाई, 2021 तक Covid-19 मैनेजमेंट के लिए लक्षित और त्वरित कार्रवाई करने पर विचार करने" को कहा है। राज्य सरकारों को सोमवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) की तरफ से एक रिलीज के जरिए दी गई सलाह में लिस्टेड Covid-19 प्रबंधन उपायों का पालन करने के लिए कहा गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को अपने पत्र में राज्यों से Covid-19 मैनेजमेंट के लिए राष्ट्रीय निर्देशों को सख्ती से लागू करने को कहा है। सभी जिला मजिस्ट्रेट इन उपायों को सख्ती से लागू करेंगे।

MHA ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग लागू करने के लिए CrPC की धारा 144 के प्रावधानों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के साइन हुए इस पत्र में कहा गया, "इन नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अलावा IPC की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई और लागू होने वाले दूसरे कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।"

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Covid-19 मैनेजमेंट के लिए पांच-स्तरीय रणनीति पर ध्यान देने के लिए कहा है, जिसमें टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, वैक्सीनेशन और Covid-19 व्यवहार का पालन शामिल है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने महामारी से लड़ने पर लगातार ध्यान देने के साथ Covid-19 प्रतिबंधों का भी सही पालन कराने पर जोर दिया है। इसमें कहा गया, "कई राज्यों से आ रहे मामलों की घटती संख्या को देखते हुए प्रतिबंधों में कई छूट देनी शुरू कर दी गई है।"


"ऐसे में ये बेहद जरूरी है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रोकथाम के प्रयासों पर निरंतर ध्यान देने के साथ प्रतिबंधों में भी बड़ी ही सावधानी के छूट या ढील दी जाए।"

मंत्रालय ने कहा कि राज्य अपने रिस्क प्रोफाइल के आधार पर जिलों को प्राथमिकता देने के लिए मौजूदा वर्गीकरण का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेश उन जिलों की पहचान कर सकते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा प्रतिबंधों की जरूरत है, जबकि बाकी जिलों को कम हफ्ते में आ रहे कम मामले या अस्पताल में बेड भरने की संख्या के आधार पर उच्च स्तर की छूट दी जा सकती है।

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