देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जनसंख्या में लगातार वृद्धि का असर ग्रोथ पर पड़ा है और इस वजह से राज्य सरकार की "हम दो, हमारे दो" की नीति महत्वपूर्ण है। उन्होंने रविवार को विश्व जनसंख्या दिवस पर राज्य की नई जनसंख्या नीति की घोषणा की।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य सरकार 2018 से इस नीति पर काम कर रही है। उनका कहना था, "राज्य में जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए दो बच्चों के बीच अंतर होना चाहिए। जनसंख्या में वृद्धि गरीबी से भी जुड़ी है। जनसंख्या नीति 2021-2030 सभी समुदायों के लिए है।"

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य जनसंख्या वृद्धि दर को 2030 तक 2.1 प्रतिशत पर लाना है।

उन्होंने बताया, "उत्तर प्रदेश की जनसंख्या लगभग 23.40 करोड़ है। नई जनसंख्या नीति 2021-2030 के लिए तैयार की गई है। हम जागरूकता के जरिए जनसंख्या पर नियंत्रण की कोशिश करेंगे। जनसंख्या नियंत्रण एक राष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दा है।"

जेट एयरवेज पर एंप्लॉयीज के बकाया लाखों रुपये के बदले प्रत्येक को 23,000 रुपये देने की पेशकश

प्रस्तावित नीति के जरिए परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत गर्भनिरोध के उपायों को बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

राज्य की नई जनसंख्या नीति में 2026 तक जन्म दर को 2.1 प्रति हजार जनसंख्या और 2030 तक 1.9 तक लाने का लक्ष्य है।

राज्य  के लॉ कमीशन ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या बिल, 2021 का मसौदा भी तैयार किया है। इस पर जनता से 19 जुलाई तक सुझाव मांगे गए हैं।

उत्तर प्रदेश में ऐसे अभिभावकों को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है जो सरकार नौकरी में हैं और अपने परिवार को दो बच्चों तक सीमित रखते हैं। इन्हें स्वेच्छा से नसबंदी कराने पर दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट, प्रमोशन और सरकारी हाउसिंग स्कीमों में छूट जैसे लाभ दिए जाएंगे।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।