जवां दिखने का जुनून ले सकता है जान! जानिए किन सप्लीमेंट्स से बचें फास्टिंग के दौरान
Anti-Ageing Diet Trends: एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की हालिया मौत ने एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स और फास्टिंग की दुनिया को हिला कर रख दिया है। जवां और फिट दिखने की चाह में लोग इन दोनों ट्रेंड्स को बिना सोचे समझे फॉलो कर रहे हैं। लेकिन क्या ये कॉम्बिनेशन वाकई फायदेमंद है या सेहत के लिए खतरनाक? चलिए जानते हैं सच
Anti-Ageing Diet Trends: फास्टिंग से त्वचा की सीबम प्रोडक्शन कम हो जाती है, जिससे स्किन ड्राय हो सकती है।
एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की अचानक मौत के बाद एक बार फिर से एंटी-एजिंग सप्लीमेंट्स और फास्टिंग को लेकर बहस छिड़ गई है। आज की फिटनेस-फ्रेंडली और ब्यूटी-कॉन्शियस लाइफस्टाइल में लोग जवां दिखने, त्वचा को चमकदार बनाए रखने और एनर्जी बनाए रखने के लिए कोलेजन, ग्लूटाथायोन, मल्टीविटामिन्स, बायोटिन और NAD+ जैसे सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इंटरमिटेंट फास्टिंग, जूस क्लेंज और वेट लॉस डाइट्स को भी बड़ी संख्या में लोग फॉलो कर रहे हैं। लेकिन क्या इन दोनों ट्रेंड्स को एक साथ फॉलो करना सेहत के लिए ठीक है? या फिर इससे शरीर पर उल्टा असर पड़ सकता है।
सही गाइडेंस और जानकारी के बिना जूस क्लेंज और वेट लॉस डाइट्स को साथ लेना आपके हेल्थ रूटीन को बिगाड़ सकता है। जानिए कैसे बनाएं इनका बैलेंस ताकि लाइफस्टाइल रहे स्मार्ट और उम्र भी महसूस न हो।
सप्लीमेंट्स का सही टाइम है बेहद जरूरी
डाइटीशियन का कहना है कि सप्लीमेंट को लेते वक्त ये समझना जरूरी है कि उसे कब और कैसे लिया जाए। कुछ सप्लीमेंट्स खाली पेट नहीं लेने चाहिए, क्योंकि ये पेट की लाइनिंग को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खासकर मिनरल्स, विटामिन C, कोलेजन और ओमेगा-3 जैसे सप्लीमेंट्स को खाने के साथ लेना ज्यादा बेहतर होता है।
ये सप्लीमेंट्स खाली पेट नुकसानदायक हो सकते हैं
अश्वगंधा, बर्बरीन जैसे एडाप्टोजन्स या ट्रेंडिंग न्यूट्रिएंट्स ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को तेजी से कम कर सकते हैं, जिससे चक्कर आना, कमजोरी और जी मचलाने जैसे लक्षण हो सकते हैं। यही वजह है कि इन्हें खाली पेट लेने से बचना चाहिए।
फास्टिंग के साथ ध्यान भी जरूरी
डाइटीशियन बताते हैं कि अगर आप फास्टिंग के साथ एंटी-एजिंग दवाएं ले रहे हैं, तो थोड़ा अधिक सतर्क रहना चाहिए। फास्टिंग शरीर में "ऑटोफेजी" नाम की प्रक्रिया को बढ़ाता है जो कि सेल की सफाई करता है, लेकिन अगर इसी समय भारी सप्लीमेंट्स ले लिए जाएं तो ये असर कम हो सकता है।
फैट सॉल्युबल विटामिन्स को कभी खाली पेट न लें
विटामिन A, D, E और K जैसे फैट सॉल्युबल विटामिन्स को खाली पेट लेना नुकसानदेह हो सकता है। इनका सही असर तभी होता है जब इन्हें हल्के फैटी भोजन के साथ लिया जाए। वरना ये पेट में जलन और अपच पैदा कर सकते हैं।
क्या सप्लीमेंट्स फास्ट तोड़ देते हैं?
कुछ सप्लीमेंट्स भले ही कैलोरी में कम हों, लेकिन ये शरीर की मेटाबॉलिक स्थिति को बदल सकते हैं। जैसे अल्फा-लिपोइक एसिड इंसुलिन को ट्रिगर कर सकता है और अमीनो एसिड वाले सप्लीमेंट्स (जैसे ल्यूसीन) शरीर में ग्रोथ सिग्नल एक्टिवेट कर देते हैं, जिससे फास्टिंग के फायदे कम हो जाते हैं।
कोलेजन और पेप्टाइड्स का ध्यान रखें
कोलेजन और अन्य ग्रोथ प्प्रोमोटिंग पेप्टाइड्स जैसे BPC-157 को फास्टिंग के दौरान लेने से फायदा की जगह नुकसान हो सकता है, क्योंकि ये सेल रिपेयर प्रोसेस को रोक सकते हैं। इन्हें खाने के समय लेना बेहतर है।
इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो जाए
फास्टिंग के दौरान शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो सकते हैं जिससे चक्कर, थकान और ब्रेन फॉग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नारियल पानी, छाछ, फलों का रस और हर्बल वॉटर से खुद को हाइड्रेट रखें।
विटामिन D और मैग्नीशियम का संतुलन जरूरी
विटामिन D सप्लीमेंट ज्यादा मात्रा में लेने से शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो सकती है। फास्टिंग के साथ ये और बढ़ जाती है, जिससे नींद की कमी, तनाव और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
स्किन पर असर डाल सकता है फास्टिंग
फास्टिंग से त्वचा की सीबम प्रोडक्शन कम हो जाती है, जिससे स्किन ड्राय हो सकती है। अगर आप रेटिनोइड्स इस्तेमाल कर रहे हैं तो फास्टिंग शुरू करते वक्त जलन या रिएक्शन हो सकता है। इसलिए ओमेगा-3 और फैट सॉल्युबल विटामिन्स खाने के समय जरूर लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।