Baby Care Tips: New Born Babies को ज्यादा पानी देना क्यों है खतरनाक? जानें सही मात्रा और जरूरी टिप्स
Baby Care Tips: 6 महीने से छोटे शिशुओं को अधिक पानी देना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि उनकी किडनी पूरी तरह विकसित नहीं होती। मां के दूध और फॉर्मूला मिल्क में पर्याप्त पानी होता है। ओवर-हाइड्रेशन से सोडियम का स्तर गिर सकता है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। जरूरत पड़ने पर सिर्फ उबला हुआ पानी थोड़ी मात्रा में दें
MoneyControl News
अपडेटेड Feb 22, 2025 पर 3:38 PM
Baby Care Tips: छोटे बच्चों को कितना पानी पिलाना चाहिए?
मौसम चाहे कोई भी हो, पानी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि छोटे बच्चों के लिए पानी कितना सुरक्षित है? कई माता-पिता यह मानते हैं कि नवजात शिशुओं को भी बड़े लोगों की तरह पर्याप्त पानी मिलना चाहिए, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है!हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को अतिरिक्त पानी देना खतरनाक हो सकता है। इससे उनकी किडनी पर असर पड़ सकता है, ओवर-हाइड्रेशन हो सकता है और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
तो, छोटे बच्चों को कब और कितनी मात्रा में पानी देना चाहिए? क्या वास्तव में पानी से उनका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है? आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स की राय और बच्चों को पानी देने के सही तरीके।
क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों, विशेष रूप से 6 महीने से छोटे शिशुओं को ज्यादा पानी देना खतरनाक हो सकता है। जो शिशु पूरी तरह से मां के दूध पर निर्भर होते हैं, उन्हें ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं होती।
अधिक पानी पीने से बच्चों के अंगों पर असर पड़ सकता है और उनकी किडनी कमजोर हो सकती है।
शरीर में पानी की अधिकता (ओवर-हाइड्रेशन) से सोडियम का स्तर गिर सकता है, जिससे शिशु को कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
मां के दूध में पहले से ही 87% पानी होता है और फॉर्मूला दूध में लगभग 85% पानी होता है, इसलिए अतिरिक्त पानी देना आवश्यक नहीं होता।
छोटे बच्चों को पानी कैसे पिलाएं?
अगर बच्चे को पानी देना ज़रूरी हो, तो इसे सही मात्रा में और सुरक्षित तरीके से दिया जाना चाहिए।
थोड़ी मात्रा में दें: शिशु को सिर्फ 15 से 20 ml पानी ही दें। अधिक मात्रा में पानी देने से उनकी किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
उबला हुआ पानी दें: बच्चों को सिर्फ साफ और ठंडे पानी को उबालकर ही देना चाहिए। इससे पानी में मौजूद किसी भी हानिकारक बैक्टीरिया का खतरा कम हो जाता है।
दूध की बोतल से दें: बच्चों को पानी देने के लिए दूध वाली बोतल का इस्तेमाल करना सही रहता है। इससे बच्चे को आसानी से पानी पिलाया जा सकता है।
बीमारी में डॉक्टर की सलाह लें: अगर बच्चे को दस्त, बुखार या कोई अन्य बीमारी हो, तो पानी देने से पहले डॉक्टर से परामर्श ज़रूर करें।
नवजात शिशु को पानी क्यों नहीं देना चाहिए?
छोटे बच्चों की किडनी पूरी तरह विकसित नहीं होती, जिससे वे अधिक मात्रा में पानी फिल्टर नहीं कर पाते। अगर किसी नवजात शिशु को ज़रूरत से ज़्यादा पानी दिया जाए, तो उसकी किडनी डैमेज होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, अधिक पानी से पेट भर जाने के कारण बच्चे का भूख कम लग सकती है, जिससे उसका पोषण प्रभावित हो सकता है।
छोटे बच्चों, खासकर 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं को ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए। मां का दूध या फॉर्मूला मिल्क ही उनके लिए पर्याप्त होता है। अगर पानी देना ज़रूरी हो, तो सिर्फ कुछ बूंदें ही दी जानी चाहिए, वह भी उबालकर।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।