Bird Flu Symptoms in Humans: भारत ही नहीं बल्कि अमेरिका में भी बर्ड फ्लू (H5N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने बर्ड फ्लू को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। स्टडी के अनुसार, एवियन इन्फ्लूएंजा (H5N1-bird flu) बर्ड फ्लू वायरस चुपचाप जानवरों से कुछ इंसानों तक फैल गया है। खासकर उन लोगों में यह वायरस तेजी से फैल रहा है जो जानवरों की देखभाल करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बर्ड फ्लू की संख्या कई गुना बढ़ सकती है, क्योंकि कई मामलों में लक्षण ही नहीं दिख रहे हैं। इसमें दावा किया गया है कि जानवरों के बाद अब बर्ड फ्लू इंसानों में शामोशी से घर कर रहा है।
यह रिपोर्ट पढ़कर लोग टेंशन में आ गए हैं। भारत के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के कारण हजारों मुर्गियों की मौत हो चुकी है। CDC की स्टडी में 150 पशु डॉक्टरों का H5N1 एंटीबॉडी के लिए टेस्ट किया गया। इस जांच में यह निष्कर्ष निकाला गया कि उनमें से 3 पहले भी इस वायरस से संक्रमित थे, लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखे। यह स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि उन्हें डर है कि संक्रमण बिना किसी लक्षण के लोगों में फैल सकता है।
13 फरवरी को मॉर्बिडिटी एंड मॉर्टेलिटी वीकली रिपोर्ट में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पशु डॉक्टरों का H5N1 एंटीबॉडी के लिए टेस्ट किया गया। उनमें से तीन मवेशियों के विशेषज्ञ पॉजिटिव पाए गए। हालांकि, संबंधित पशु डॉक्टरों को कभी भी बर्ड फ्लू के कोई लक्षण नहीं दिखे। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, मुर्गी पालन से जुड़े मजदूरों में लक्षण दिखाई दिए। फिर उन्होंने इलाज करवाया।
अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे मामले
अमेरिका पहले से ही बर्ड फ्लू से जूझ रहा है। पिछले साल इस संक्रमण के 68 मामले दर्ज किए गए थे। टेक्सास यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट डॉ. ग्रेगरी ग्रे के अनुसार, यह स्टडी बताता है कि बर्ड फ्लू के वास्तविक मामलों की संख्या सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है। उनका कहना है कि कुछ लोग अपने काम के कारण इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं, लेकिन उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं उभरते। इसलिए वे डॉक्टर के पास नहीं जाते।
शोधकर्ताओं ने बताया कि केवल मेडिकल सेंटर के आंकड़ों के आधार पर बर्ड फ्लू के प्रसार को पूरी तरह से समझ पाना मुश्किल है। इस स्टडी के लिए, वैज्ञानिकों ने अमेरिका के 46 राज्यों के 150 पशु डॉक्टरों के खून टेस्ट किए। इनमें से किसी को भी लाल आंखें या अन्य आम लक्षण नहीं थे। लेकिन जांच में पाया गया कि 2 से 3 प्रतिशत पशु डॉक्टरों के शरीर में H5N1 वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी मौजूद थीं।
पहले के अध्ययनों में यह भी संकेत मिला है कि कुछ डेयरी फार्म के मजदूरों को बर्ड फ्लू के लक्षण हुए थे। लेकिन उनकी सही जांच नहीं हुई। चूंकि ये स्टडी छोटे स्तर पर किए गए थे, इसलिए बर्ड फ्लू से प्रभावित लोगों की सही संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये संख्या सैकड़ों या हजारों तक हो सकती है। ग्रे ने कहा कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन यदि यह वायरस बदले या इसमें कोई नया म्यूटेशन आए, तो यह गंभीर बीमारी फैला सकता है।
क्या लोगों में बिना लक्षण वाले बर्ड फ्लू फैल सकते हैं?
रिपोर्ट इस बात के सबूत देती है कि लोगों में बिना लक्षण वाले बर्ड फ्लू संक्रमण हो सकते हैं। बिना लक्षण वाले संक्रमण का मतलब है कि वायरस से संक्रमित व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं दिखते। बता दें कि 2020 में कोविड-19 के प्रसार के दौरान बिना लक्षण वाले वायरस ने संक्रमण फैलाने में प्रमुख भूमिका निभाई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बर्ड फ्लू बिना लक्षण के फैल सकता है या नहीं। लेकिन इस बात की बहुत अधिक आशंका है कि बर्ड फ्लू संक्रमण रिपोर्ट की गई संख्या से कहीं अधिक हो सकता है।