पूरी दुनिया में कैंसर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। एक साल में करीब 6 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। भारत समेत कई देशों में कैंसर अपने पांव फैला चुका है। कैंसर का नाम सुनते ही बहुत से लोगों की जान अटक जाती है। यह एक खतरनाक बीमारियों से एक है। कैंसर की चपेट में आए हुए लोग बहुत कम ठीक हो पाते हैं। इसका इलाज काफी लंबे समय तक चलता है। इसके साथ ही यह काफी महंगा भी है। इस बीच कैंसर के इलाज के लिए रिसर्च करने वाली टीम ने एक बड़ा दावा किया है। रिसर्च कर रही टीम का कहना है कि अब कैंसर का इलाज नई थेरेपी के जरिए कुछ ही मिनट में हो जाएगा।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कैंसर का इलाज बहुत जल्द हो जाएगा। यह नए तरीके का इलाज तकनीकी विकास और रिसर्च पर है। इसमें मॉलिक्यूलर ट्रीटमेंट्स और एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह कैंसर कोशिकाओं की फौरन पहचान कर ली जाएगी। फिर उन्हें खत्म किया जा सकता है। इस थेरेपी का नाम फ्लैश रेडियोथेरेपी है।
अस्पताल में लंबे समय तक रहने से मिलेगी मुक्ति
कहा जा रहा है कि कैंसर के मरीजों की नई थेरेपी से इलाज करना आसान हो जाएगा। उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में नहीं रहना होगा। कम समय में केस को डायग्नोस करने में मदद मिलेगी। जिससे इलाज में तेजी आएगी। ऐसे में मरीज के लाइफ स्पैन में इजाफा होगा। कैंसर पर यह स्टडी साल 2022 में शुरू हुई थी। इसे यूएस की यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी कैंसर सेंटर में की गई थी। इस रिसर्च में मौजूद प्रोफेसर एमिली सी. डैघर्टी ने कहा कि इस थेरेपी की मदद से इलाज करने में रेडियोथेरेपी के साथ अल्ट्रा हाई डोज दी जाती है। जिसकी मदद से ट्यूमर के रोगियों का इलाज जल्द होता है। इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं, जिससे शरीर को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचे।
शरीर में करीब 30 लाख करोड़ कोशिकाएं होती हैं। ये सभी एक निश्चित पैटर्न में नियंत्रित तरीके से बढ़ती हैं। एक समय के बाद खुद ही नष्ट हो जाती हैं। लेकिन कैंसर होने पर यह नियंत्रित पैटर्न बिगड़ने लगता है। इससे एक जानलेवा बीमारी का रूप ले लेता है।
हर 6 में से एक मौत कैंसर के कारण होती है
कैंसर दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, पूरी दुनिया में कार्डियोवस्कुलर डिजीज के बाद सबसे ज्यादा मौतें कैंसर के कारण होती हैं। पूरी दुनिया में हर साल लगभग 6.1 करोड़ लोगों की मौत होती है, जिसमें से 1 करोड़ लोगों की मौत कैंसर के कारण होती है। इसका मतलब है कि दुनिया में हर 6 मौतों में से एक मौत कैंसर के कारण होती है।