हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में खानपान, शारीरिक मेहनत और जीवनशैली का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में ब्लड शुगर के असंतुलन के कारण उत्पन्न होती है और अगर शुगर लेवल बहुत कम हो जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। अचानक ब्लड शुगर का गिरना जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है ब्रेन को सही मात्रा में ग्लूकोज नहीं पहुंचने देता। इस स्थिति में व्यक्ति को चक्कर आ सकते हैं वह बेहोश हो सकता है और कभी-कभी यह कोमा का कारण बन सकता है।
खासकर जब खानपान अनियमित हो शारीरिक गतिविधियां कम हों या तनाव अधिक हो तो ब्लड शुगर कम होने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में यह जरूरी है कि डायबिटीज के मरीज अपनी सेहत का ध्यान रखें और समय रहते उचित उपाय करें।
ये समस्या ज्यादा शारीरिक मेहनत, अनियमित खानपान और खराब जीवनशैली के कारण बढ़ सकती है। जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर 70 mg/dL या उससे कम हो जाता है तो इसे हाइपोग्लाइसीमिया या लो ब्लड शुगर कहते हैं। इस स्थिति में मरीजों में कई लक्षण जैसे पसीना आना, थकान, सिरदर्द, बेचैनी, ज्यादा भूख लगना और दिल की धड़कन तेज होना आम होते हैं। यदि आपको इनमें से कोई लक्षण महसूस हो, तो तुरंत ब्लड शुगर चेक कराना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वे लोग जिन्हें नियमित रूप से ब्लड शुगर चेक करने की आदत नहीं होती या जो खानपान पर ध्यान नहीं देते उन्हें शुगर लेवल डाउन होने का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि वे समय-समय पर अपना ब्लड शुगर चेक करें सही खानपान का पालन करें और अपनी दवाओं का समय पर सेवन करें।
लो ब्लड शुगर होने पर क्या करें?
अगर आप लो ब्लड शुगर के लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपना ब्लड शुगर चेक करें। यदि शुगर 70 mg/dL से कम है तो तुरंत कार्बोहाइड्रेट का सेवन करें ताकि शुगर लेवल जल्दी से बढ़ सके। इन उपायों को अपनाकर आप शुगर को जल्दी बढ़ा सकते हैं:
1 - ग्लूकोज टैबलेट का सेवन करें।
2 - एक चम्मच चीनी के तीन पैकेट्स को पानी में घोलकर पिएं।
3 - 2-3 कप सॉफ़्ट ड्रिंक भी शुगर लेवल को बढ़ा सकते हैं।
4 - शहद का सेवन भी फायदेमंद होता है।
5 - ऑरेंज या सेब का जूस शुगर लेवल बढ़ाने में मदद करता है।
इन उपायों से आप अपने ब्लड शुगर को सही स्तर पर बनाए रख सकते हैं और हाइपोग्लाइसीमिया के खतरों से बच सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।