देश में डायबिटीज से पीड़ित मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। गलत खानपान और खराब लाइफ स्टाइल की वजह से बहुत से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसे कंट्रोल करने के लिए प्राकृतिक सब्जियों का भी सहारा ले सकते हैं। इसमें पहाड़ों में पाई जाने वाली सब्जी रामकरेला का सेवन कर सकते हैं। इसे मीठा करेला भी कहा जाता है। कुछ इलाकों में परबल के नाम से भी जाना जाता है। यह औषधीय गुणों से भरपूर है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसे डाइट में शामिल करने से अन्य कई गंभीर रोगों की भी छुट्टी हो जाती है।
आमतौर पर करेला स्वाद में कड़वा होता है, लेकिन पहाड़ में पाए जाने वाले रामकरेले का स्वाद कड़वा नहीं होता है। बल्कि मीठा होता है। बता दें कि शुगर एक ऐसी बीमारी है। जिससे कई और गंभीर बीमारियां पनपनी शुरू हो जाती हैं। इससे किडनी पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है।
रामकरेला से डायबिटीज की होगी छुट्टी
हेल्थ से जुड़े जानकारों का कहना है कि राम करेला का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बेहद कम होता है। ऐसे में ये डायबिटीज में ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसे नियमित रूप से सेवन करने से इंसुलिन का लेवल भी सही बना रहता है। ऐसे में ये सब्जी खासकर उन लोगों के लिए ज्यादा फायदा करेगी। जिनका ब्लड शुगर बाउंड्री लाइन पर है। इन सब के अलावा राम करेला में पॉलीपेप्टाइड गुण और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। उत्तराखंड के पहाड़ी राज्यों में राम करेले का उत्पादन सितंबर और अक्टूबर के महीने में होता है। इसकी खासियत यह है कि कम मेहनत के बावजूद भी इसका ज्यादा उत्पादन हो जाता है। इस पहाड़ी करेले में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। जिससे इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है।
राम करेले का कैसे करें सेवन?
राम करेले का सूप बनाकर आप सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा इसकी सब्जी भी बनाई जा सकती है। वहीं पहाड़ी इलाकों में राम करेले की चटनी भी बनाई जाती है। लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। ये स्वादिष्ट होने के साथ ही सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
डिस्क्लेमर – यहां दी गई जानकारी सामान्य जानकारी पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए एक्पर्ट्स से जरूर सलाह लें।