आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनहेल्दी लाइफस्टाइल से कई तरह की बीमारियां होने लगी हैं। इनमें डायबिटीज आम बात हो गई है। फास्ट फूड का सेवन और फिजिकल एक्टिविटी नहीं होने के कारण शरीर तुरंत बीमारियों का घर बन जाता है। आजकल हर उम्र के लोग डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के शरीर में इंसुलिन का सही तरीके से उत्पादन नहीं हो पाता है। इसका उपयोग सही से न होने के कारण ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है। डायबिटीज के शुरुआती लक्षण हाथ और पैर से मिलने लगते हैं। लिहाजा इसके लक्षणों की पहचान के लिए हमेशा सतर्क रहें।
असर हाथों-पैरों, किडनी और आंखों जैसी शरीर के कई अंगों पर होता है। बता दें, हाई ब्लड शुगर के कारण लोगों को हाथों और पैरों से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं। इनको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये इससे जुड़ी गंभीर समस्याओं के संकेत हो सकते हैं।
हाथ और पैरों में होने लगती है ऐंठन
हाथ या पैर में ऐंठन महसूस होना भी डायबिटीज का ही संकेत होता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण हाथों और पैरों ऐंठन, मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। हाथ की उंगलियों के आसपास चमड़ी मोटी और सख्त हो जाती है। यह डायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं। यह संकेत हथेली के पीछे की तरफ दिखता है। जिसमें उंगलियों को मोड़ना भी मुश्किल हो जाता है। डायबिटीज के कारण फोरआर्म और अपर आर्म्स की स्किन भी मोटी और सख्त हो सकती है। वहीं डायबिटीज के कारण हाथ पर छाले भी हो सकते हैं। लेकिन कई बार डायबिटिक पेशेंट के हाथों पर बड़े छाले हो जाते हैं। यह दो या उससे ज्यादा भी हो सकते हैं। लेकिन इन छालों में दर्द नहीं होता है।
हाथों पर हो सकता है इंफेक्शन
बार-बार हाथ पर स्किन इंफेक्शन होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। ये डायबिटीज के शुरुआती लक्षण हैं। इस इंफेक्शन में स्किन पर जलन, सूजन और दर्द होता है। वहीं, छोटे-छोटे दानों के साथ खुजली भी हो सकती है।
अगर आप अपने पैरों में लगातार दर्द, झुनझुनी, सुन्नता या जलन महसूस करते हैं, तो ये भी डायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा पाचन तंत्र, यूरिनरी ट्रेक्ट और दिल की सेहत पर भी असर पड़ता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।