डायबिटीज एक ऐसी लाइफस्टाइल डिजीज बन चुकी है जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर देती है। गलत खान-पान, व्यायाम की कमी, तनाव और अनियमित दिनचर्या इसकी सबसे बड़ी वजह बनती हैं। शुरुआती लक्षणों जैसे बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, थकान या वजन कम होना को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकते हैं। अगर समय रहते सतर्क हो जाएं तो इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है। लेकिन एक बार डायबिटीज का शिकार हो जाने पर जीवनशैली में बड़ा बदलाव करना अनिवार्य हो जाता है।
खाने में संयम, शारीरिक गतिविधियों की नियमितता और तनाव से दूरी ही इस बीमारी पर नियंत्रण पाने का रास्ता है। डायबिटीज को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, इसलिए जरूरी है कि लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाकर समय रहते इसे रोका जाए
सफेद चीजों से खतरा ज्यादा!
डायबिटीज के मरीजों को सिर्फ मीठा ही नहीं, बल्कि कुछ सफेद चीजों से भी सख्ती से दूरी बनानी चाहिए। चीनी और चावल के अलावा सफेद ब्रेड, पास्ता और मैदे से बनी चीजें भी ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाती हैं और मोटापा भी बढ़ाती हैं।
मैदे से बनी चीजें जैसे ब्रेड, पिज्जा, समोसे, पास्ता आदि हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले होते हैं। ये शरीर में शुगर के स्तर को एकदम ऊपर ले जाते हैं और मोटापे को बढ़ावा देते हैं। डायबिटीज के मरीजों को इनसे पूरी तरह बचना चाहिए।
रिफाइंड शुगर डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे खतरनाक होती है। ये शरीर में फैट के रूप में जमा हो जाती है, खासकर उन लोगों में जो फिजिकली एक्टिव नहीं होते। इससे डायबिटीज और मोटापे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सफेद चावल में स्टार्च की मात्रा बहुत ज्यादा होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी हाई (लगभग 89) होता है। खासकर टाइप 2 डायबिटीज वालों को सफेद चावल से परहेज करना चाहिए। इसकी जगह ब्राउन राइस या दलिया बेहतर विकल्प हैं।
आलू में मौजूद हाई कार्बोहाइड्रेट, फैट और कैलोरी डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी काफी ज्यादा होता है, जो ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है।
सावधानी में ही समझदारी है
डायबिटीज को काबू में रखना है तो सफेद चीजों से दूरी बना लें। साथ ही, कोई भी डाइट बदलने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। तभी होगा शुगर पर कड़ा कंट्रोल!
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।