Fasting Benefits: कितनी देर तक भूखे रहने के बाद शरीर की चर्बी जलने लगती है? जानें पूरा विज्ञान

Fasting Benefits: अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो फास्टिंग एक बेहतर तरीका हो सकता है। करीब 16-18 घंटे तक फास्ट रखने के बाद शरीर का फैट जलाना शुरू हो जाता है। वहीं 24 घंटे से ज्यादा फास्टिंग करने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है। लेकिन फास्टिंग को सही तरीके से अपनाना जरूरी है ताकि शरीर को कोई नुकसान न पहुंचे

अपडेटेड Mar 21, 2025 पर 1:06 PM
Fasting Benefits: फास्टिंग को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इससे वजन कम करने के साथ-साथ सेहत को और भी कई फायदे मिलते हैं।

अगर आप अपना वजन कम करने के लिए भूखे रहते हैं तो यह शायद गलत तरीका हो सकता है। बहुत से लोग भूखे रहने के लिए समय पर लिए जाने वाले ब्रेकफास्ट को भी स्किप कर लेते हैं। उनका यह मानना रहता है कि जितनी देर तक भूखे रहेंगे, पेट या कमर पर चढ़ी चर्बी कम हो जाएगी। लेकिन यह सोच बिल्कुल गलत है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर कितने घंटे या कब तक उपवास रखने से शरीर फैट को खान लगता है। कहा जाता है कि अगर आप शाम को 5.30 से सुबह 10 बजे तक उपवास रखते है तो इससे शरीर फैट को खाने लगता है।

दरअसल, भारतीय संस्‍कृति में सद‍ियों से व्रत-उपवास की परंपरा है। एक द‍िन के लि‍ए न‍ियम-संयम ये भोजन करना या फिर पूरी तरह उपवास (Fasting) करना, ये सद‍ियों से हमारे ऋषि मुनी करते आ रहे हैं। इसके साथ ही साल भर कई ऐसे त्‍योहार भी होते हैं, जब व्रत रखा जाता है। कई लोग व्रत रखने को स‍िर्फ एक धार्मिक कर्म मानते हैं। जबकि वैज्ञान‍िकों ने भी ये मान ल‍िया है, कि उपवास रखकर शरीर में कई अनोखे बदलाव देखने को म‍िलते हैं।

कितने घंटे भूखे रहने के बाद फैट को खाने लगता है शरीर?


दरअसल, फास्टिंग शुरू करने के पहले कुछ घंटों तक बॉडी एनर्जी के लिए ग्लूकोज का उपयोग करती है। फूड से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज में बदल जाते हैं। शरीर इन्हें स्टोर करके रखता है। 8-12 घंटे तक शरीर इसी स्टोर्ड ग्लूकोज को जलाता है। करीब लगभग 12-16 घंटे के फास्ट के बाद बॉडी ग्लूकोज के स्टोर्स को खत्म कर देती है। इसके बाद एनर्जी के लिए फैट को जलाने का प्रोसेस शुरू हो जाता है। इस स्टेज को "मेटाबॉलिक स्विच" कहा जाता है, जहां शरीर ग्लूकोज की जगह फैट को प्राइमरी फ्यूल के रूप में यूज़ करने लगता है। वहीं 16-24 घंटे की फास्टिंग के बाद, शरीर तेजी से फैट जलाने लगता है। इस दौरान कीटोसिस (ketosis) नामक प्रक्रिया शुरू होती है। जिसमें लिवर फैट को "कीटोन्स" में बदलता है और इन्हें एनर्जी के रूप में उपयोग करता है।

इस समय शरीर में होता है तेजी से वेट लॉस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाम को 5.30 बजे से खाने और इसके बाद सुबह 10 बजे नाश्ता करने से शरीर में तेजी से वेटलॉस होता है। फास्टिंग के दौरान शरीर प्रभावी रूप से इंसुलिन का उत्पादन कम कर देता है। ऐसे में जब खाना शरीर में जाता है तो इंसुलिन प्रभावी रूप से अपनी क्षमता में सुधार करता है। उपवास से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। मोटापे में भी कमी आती है। इसके अलावा पेट के आसपास की चर्बी को जलने में भी सहायता मिलती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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