आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग जल्दी-जल्दी खाना बनाकर उसे फ्रिज में स्टोर कर लेते हैं। यह तरीका समय बचाने के लिए ठीक लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फ्रिज में रखा खाना बैक्टीरिया के लिए एक अच्छी जगह बन सकता है। अगर खाना लंबे समय तक फ्रिज में रखा जाए तो उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं । इससे फूड प्वाइजनिंग की समस्या बढ़ सकती है। इससे उल्टी दस्त बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा लंबे समय तक फ्रिज में रखा खाना अपने स्वाद और पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
इसलिए, यह जरूरी है कि हम खाने को सही तरीके से स्टोर करें और उसे फ्रिज में ज्यादा समय तक न रखें। सही तापमान और समय के साथ खाना स्टोर करने से हम अपनी सेहत का ध्यान रख सकते हैं और फूड प्वाइजनिंग से बच सकते हैं।
स्वाद और टेक्सचर में बदलाव
फ्रिज में लंबे समय तक खाना रखने से उसके पोषक तत्व कम हो सकते हैं खासकर विटामिन सी और बी कॉम्प्लेक्स। तापमान के उतार-चढ़ाव से यह समस्या बढ़ जाती है। कुछ चीजों का स्वाद और टेक्सचर भी खराब हो जाता है। पत्तेदार सब्जियां मुरझा जाती हैं, फल फीके हो सकते हैं, और सलाद के पत्ते काले पड़ सकते हैं।
फ्रिज का कम तापमान बैक्टीरिया के विकास को कम कर देता है लेकिन इसे पूरी तरह से रोक नहीं सकता। अगर फूड आइटम्स ठीक से पैक नहीं किए गए हैं या फ्रिज का तापमान सही नहीं है तो बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं। यह फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकता है।
फ्रिज में हवा की आवाजाही होती है जिससे कुछ खाद्य पदार्थ सूख सकते हैं। यह विशेष रूप से उन चीजों के साथ होता है जिनकी सतह खुली रहती है जैसे फल और सब्जियां। सूखने के कारण उनका स्वाद और टेक्सचर खराब हो जाता है। फ्रिज बर्न एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें फूड आइटम्स की सतह सूखी और भूरी हो जाती है। यह तब होता है जब नमी भाप बनकर उड़ जाती है और बर्फ के क्रिस्टल बन जाते हैं जिससे स्वाद और पोषण पर असर पड़ता है।
खाने को स्टोर करने का सही तरीका
खाने को फ्रिज में सही तरीके से स्टोर करना बहुत जरूरी है। सब्जियां 3-4 दिन, फल एक हफ्ते, अंडा और मीट 2 दिन के अंदर खा लें। पका हुआ खाना 5-6 घंटे से ज्यादा फ्रिज में न रखें और खाना बनाने के 1-2 घंटे के अंदर उसे फ्रिज में रख लें। फ्रिज का तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस रखें। पकी हुई सब्जियां 3-4 घंटे से ज्यादा न रखें और इन्हें हमेशा गर्म करके खाएं। कच्चे और पके हुए खाने को अलग-अलग रखें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।