Anosmia: सिर्फ सर्दी-जुकाम से सूंघने की शक्ति नहीं होती कमजोर, हो सकता है ये बड़ा कारण, फौरन हो जाएं अलर्ट

Anosmia: गंध न आना, जिसे एनोस्मिया कहा जाता है, सर्दी, जुकाम, साइनस या गंभीर बीमारियों जैसे ब्रेन ट्यूमर या अल्जाइमर के कारण हो सकता है। यह अस्थायी या स्थायी हो सकता है और पाचन समस्याओं का कारण बन सकता है। इलाज से गंध की क्षमता में सुधार हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से संपर्क जरूरी है

अपडेटेड Jan 20, 2025 पर 4:36 PM
Story continues below Advertisement
एनोस्मिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें लोगों को गंध का पता नहीं चलता।

गंध हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। यह हमारे स्वास्थ्य और सही पोषण में मदद करता है। गंध न आना या एनोस्मिया एक ऐसी समस्या है। जिससे लोग सही से भोजन का स्वाद नहीं ले पाते। इस समस्या में व्यक्ति को गंध महसूस नहीं होती है। यह कई कारणों से हो सकती है। ये सर्दी-जुकाम, साइनस, या फिर वायरल इंफेक्शन के कारण भी हो सकती है। गंध न आने की वजह से व्यक्ति को बासी या खट्टे खाद्य पदार्थों का एहसास नहीं होता जो पाचन समस्याएं और कुपोषण का कारण बन सकता है।

इसके अलावा गंध की कमी से मनोबल भी घट सकता है क्योंकि हमारे शरीर का ये तंत्र हमें खाने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए गंध न आने पर यह जरूरी है कि इसका इलाज कराया जाए ताकि किसी गंभीर बीमारी से बचा जा सके।

गंध न आने की समस्या


एनोस्मिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें लोगों को गंध का पता नहीं चलता। यह आमतौर पर सर्दी, जुकाम, साइनस या फ्लू के कारण होती है। यह अस्थायी होती है। कुछ मामलों में यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है। गंध का महसूस न होना सीधे हमारे ब्रेन से जुड़ा होता है। मस्तिष्क में चोट लगने के कारण भी यह समस्या हो सकती है।

गंध न आने के कारण

गंध न आने के कई कारण हो सकते हैं। सर्दी-जुकाम, साइनस संक्रमण, एलर्जी, हाई फीवर के कारण यह समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा, ब्रेन ट्यूमर, अल्जाइमर रोग, पार्किंसंस, और मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों से भी गंध न आने की समस्या हो सकती है। इन बीमारियों से नाक में मौजूद रिसेप्टर्स प्रभावित हो जाते हैं। जिससे गंध की क्षमता कम हो जाती है।

गंध न आने पर क्या करें?

अगर गंध न आने की समस्या अस्थायी है, तो इसके इलाज से गंध में सुधार हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर यह साइनसाइटिस या किसी अन्य संक्रमण के कारण है, तो एंटीबायोटिक्स से संक्रमण का इलाज किया जा सकता है। अगर नाक में कोई रुकावट है, तो सर्जरी की जरूरत हो सकती है। अगर गंध न आना किसी गंभीर बीमारी जैसे ब्रेन ट्यूमर या अल्जाइमर का संकेत है तो समय रहते इसका निदान और इलाज करना जरूरी है।

इसलिए, अगर आपको गंध न आने की समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से संपर्क करें।

Heart Blockage: घर बैठे हार्ट ब्लॉकेज की करें पहचान, इन 4 आसान तरीकों से जानें अपने दिल का हाल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।