इन दिनों लोगों की लाइफ स्टाइल और खान पान में काफी बदलाव आया है। एक पल में जंक फूड मिलने से कई तरह की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। इनमें हार्ट अटैक, डायबिटीज, बीपी जैसी समस्याएं आम हो गईं हैं। ऐसे बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव के बीच लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा हार्ट से जुड़ी बीमारियां सामने आई हैं। कब किसको हार्ट अटैक आ जाए, इसका कुछ भी पता नहीं चलता है। चलते-चलते लोगों में हार्ट अटैक की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसमें पुरुष ही नहीं महिलाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैँ।
महिलाओं में पिछले कुछ सालों में हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी गम्भीर बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। खासतौर से 40 साल की उम्र के आसपास के लोगों में हार्ट अटैक का रिस्क काफी तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं में हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ने के कई कारण हैं जिसमें हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव और मेनोपॉज जैसे बदलाव शामिल हैं।
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण
हार्ट अटैक के ज्यादातर लक्षण महिला और पुरुष में एक जैसे होते हैं, लेकिन कुछ लक्षण महिलाओं में ज्यादा नजर आते हैं। अगर आपको भी इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाएं। महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षणों की बात करें तो सांस की तकलीफ, मतली/उल्टी, और पीठ या जबड़े में दर्द कॉमन लक्षण है। डॉक्टरों के मुताबिक चक्कर आना, निचली छाती या ऊपरी पेट में दर्द और अत्यधिक थकान का अनुभव भी हार्ट अटैक के लक्षण हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जब महिलाएं दिल के दौरे के लक्षणों का अनुभव करती हैं, तो उन संकेतों की अक्सर गलत व्याख्या की जाती है, लेकिन इसे कायदे से समझना बेहद जरूरी है।
पुरुषों में हार्ट अटैक के लक्षण
अगर पुरुषों में हार्ट अटैक के लक्षणों की बात करें तो छाती में दर्द, सीने में बेचैनी या दबाव और शरीर में दर्द सबसे कॉमन लक्षण है। डॉक्टरों के मुताबिक सांस की तकलीफ, जिसे डिस्पेनिया कहा जाता है। इसमें सीने में दर्द के साथ या उसके बिना भी हो सकती है। कई बार यह हार्ट अटैक का एकमात्र लक्षण होता है। ऐसा तब भी हो सकता है जब आपके फेफड़ों में इंफेक्शन हो, खांसी या घरघराहट हो। इसी तरह अगर आप बिना किसी कारण के थकान महसूस कर रहे हैं या सुस्ती सी छायी रहती है तो यह भी एक आम लक्षण हो सकता है।
हार्ट अटैक से कैसे करें बचाव
महिलाओं के शरीर में अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं को अपने स्वास्थ्य, लाइफस्टाइल और डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए। शरीर में किसी तरह का कोई बदलाव होते हुए नजर आए तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। खासतौर से मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए।
हार्ट को हेल्दी रखने और हार्ट अटैक से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव करें। 35-40 के बाद आपको अपनी मेंटल हेल्थ के साथ-साथ फिजिकल हेल्थ को बेहतर रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए। हेल्दी डाइट अपनाएं। रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। अगर आपका वजन अधिक है तो आप वेट लॉस करें और हेल्दी वेट मेंटेन करें। मेंटली हेल्दी और शांत रहने के लिए आप मेडिटेशन और योग का अभ्यास जरूर करें। वहीं रात में देर तक जागने की बजाय जल्दी सोएं और रोजाना 8-9 घंटे नींद जरूर लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।