आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की लाइफ स्टाइल काफी खराब होती जा रही है। जिसका असर शरीर पर पड़ रहा है। खानपान में खराबी, सोने-जागने का पैटर्न बिगड़ना और स्मोकिंग जैसी आदतों से लोगों की सेहत की बिगड़ रही है। लिवर डैमेज का खतरा भी इन्हीं का नतीजा है। लिवर में खराबी आने पर कई तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं। इन्हें कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए। लिवर डैमैज होने से लोगों को कई अन्य तरह की बीमारियों का भी सामना करना पड़ सकता है। लिवर की खराबी आने पर जी मिचलाना और उल्टी जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
दरअसल, लिवर न सिर्फ पाचन और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है। बल्कि यह पोषक तत्वों के भंडारण के साथ ही शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी अहम भूमिका भूमिका निभाता है। ऐसे में लिवर ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि यह अपना कार्य सही तरीके से कर सके।
लिवर खराब होने पर पेट दर्द और जी मिचलाना
अगर आपको अक्सर उल्टी होती है या जी-मचलाता है, जो यह लिवर खराब होने या लिवर की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा खून की उल्टी या मल के साथ खून आए, तो यह लिवर डैमेज होने का लक्षण हो सकता है। अगर आपको यह लक्षण नजर आ रहे हैं, तो इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लिवर खराब होने पर पेट में दर्द होने लगता है। लिवर डैमेज होने पर उसकी काम करने की क्षमता कम हो जाती है। इसकी वजह से उसका आकार भी बढ़ने लगता है। इससे लिवर पर प्रेशर बढ़ता है और दर्द गंभीर बन जाता है।
लिवर में कोई गड़बड़ी होने पर स्किन पर खुजली की समस्या हो सकती है। खासकर रात के वक्त अगर स्किन में खुजली, इरिटेशन या रैशेज जैसी समस्याएं हो तो उन्हें नजरअंदाज न करें। वरना समस्या गंभीर बन सकती है।
यूरिन का रंग बदलना लिवर डैमेज का एक संकेत है। जब लिवर डैमेज होता है तो शरीर में बिलीरूबिन का लेवल बढता है। जिससे यूरिन का रंग गाढ़ा पीला हो जाता है। ऐसा होने पर तत्काल डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
ये जूस लिवर की गंदगी को कर देंगे बाहर
नींबू में विटामिन C का खजाना होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। वहीं अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह पाचन तंत्र को मजबूत कर देता है। पाचन तंत्र मजबूत होने से लिवर जब फैट को प्रोसेस करता है और उस प्रक्रिया के दौरान जो टॉक्सिन बनता है उसका भी पाचन आसानी से हो सकता है। यह शरीर से बाहर आ सकता है।
चुकंदर सुपरफूड है। यह लिवर के फंक्शन को बेहतर करने और कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने के लिए जाना जाता है। चुकंदर में बीटाइन एंटीऑक्सीडेंट, नाइट्रेट्स और फाइबर पाए जाते हैं,जो पित्त को निकालने में मदद करते हैं। यह फैट को तोड़ने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। यह लिवर में सूजन को भी कम करता है।
संतरे के जूस में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं। इससे लिवर की सफाई होती है। इसके साथ ही, यह लिवर की कोशिकाओं को भी स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
जीरे का पानी भी लिवर के लिए फायदेमंद माना गया है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है। इससे वजन भी कम होता है और डाइजेशन भी दुरुस्त होता है। इससे फैटी लिवर के लक्षण कम हो सकते हैं।
एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण से भरपूर सौंफ लिवर को साफ कर, उसमें जमा जिद्दी फैट को कम करने में मदद करता है। ये लिवर में सूजन को कम करता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।