Raw Milk: कच्चा दूध पीने से सेहत की बज जाएगी बैंड, फ्लू का बढ़ा खतरा, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

Side Effects of Raw Milk: दूध सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। इसके पोषक तत्व हड्डियों और दातों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। कुछ लोग दूध में हल्दी डालकर पीते हैं, कुछ गुड़ के साथ दूध पीना पसंद करते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में ख्याल आता है कि क्या कच्चा दूध फायदेमंद है या फिर उबला

अपडेटेड Dec 16, 2024 पर 4:16 PM
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Side Effects of Raw Milk: कच्चे दूध में शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया होते हैं, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है।

भारतीय आहार में दूध को बहुत महत्‍व दिया गया है। वयस्‍क हो या फिर बूढ़े, सभी रोजाना एक गिलास दूध तो पीते ही हैं। बेहतर ग्रोथ के लिए बच्‍चों को तो रोज दूध पिलाया जाता है। दूध में पर्याप्‍त मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D, फैटी एसिड और कई तरह के मिनरल्‍स पाए जाते हैं। इसबीच कुछ लोग कच्चे दूध को फायदेमंद मानते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि सेहत के लिए उबल दूध फायदेमंद हा या फिर कच्चे दूध अच्छ है। इसबीच एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कच्चा दूध सेहत के लिए नुकसानदायक माना गया है।

कच्चा दूध वो दूध होता है जो सीधे दुधारू जानवरों से सीधे लोगों तक पहुंचता है। वहीं उबला हुआ दूध जिसे पास्चुराइज्ड (Pasteurized) दूध भी कहते हैं। इसे अच्छे से हाई टेम्परेचर पर उबाला जाता है। ऐसा करने से इसमें पाए जाने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। साथ ही दूध खराब नहीं होता है।

कच्चे दूध को लेकर बड़ा खुलासा


स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक, कच्चे दूध को प्राकृतिक और पौष्टिक विकल्प के रूप में देखा जाता है। हालांकि इसमें कुछ खतरा भी छिपा रहता है। इस दूध में फ्लू वायरस मिला सकता है। यह सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। दुनियाभर में डेयरी जानवरों में बर्ड फ्लू का खतरा होने की आशंका जताई जा रही है। इससे वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कच्चे दूध के सेवन से इन्फ्लूएंजा का जोखम बढ़ सकता है। कच्चे दूध में फ्लू के वायरस कई दिनों तक ज़िंदा रह सकते हैं। इससे बर्ड फ्लू का खतरा (risk of bird flu) बढ़ सकता है। ऐसे में एक नई महामारी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

कच्चे दूध के सेवन से हो सकती हैं ये बीमारियां

बता दें कि बहुत से लोग कच्चे दूध का सेवन करना पसंद करते हैं या बहुत अधिक मात्रा में दूध खरीदकर फ्रिज में रख देते हैं। वहीं, कुछ लोग ये दावा भी करते हैं कि कच्चे दूध में एंजाइम्स, प्रोबायोटिक्स और न्यूट्रिएंट्स अधिक होते हैं। लेकिन, इस तरह रेफ्रिजरेटर में रखा गया कच्चा दूध गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट और इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

कच्चे दूध में जिंदा रहता है H1N1 वायरस

जर्नल एनवायरमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी लेटर्स में छपी एक स्टडी के मुताबिक, गाय के दूध को फ्रिज में स्टोर करने से से ह्यूमन इन्फ्लूएंजा वायरस की कुछ प्रजातियां लम्बे समय तक जिंदा रह सकती हैं। इसमें H1N1 और PR8 नाम के फ्लू वायरस दूध में जिंदा पाए गए थे। ये करीब 5 दिन तक सक्रिय थे।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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