Uric Acid: सेहत के दुश्मन बन सकते हैं ये 7 घरेलू फूड्स, जानिए यूरिक एसिड बढ़ने से कैसे बचें

Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने से गठिया और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि केवल मांसाहार और शराब से बचना जरूरी है, लेकिन कई रोजमर्रा के खाने की चीजें भी यूरिक एसिड बढ़ाती हैं। आइए जानते हैं उन 7 आम खाद्यों और उनके सेहतमंद विकल्पों के बारे में

अपडेटेड May 23, 2025 पर 9:27 AM
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Uric Acid: राजमा भले ही स्वादिष्ट हो, लेकिन ये पचने में भारी और प्यूरीन युक्त होता है

हर भारतीय रसोई में बना भोजन सिर्फ भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि परंपरा, भावनाओं और सेहत का मेल होता है। घर का खाना अक्सर हमें सुकून और अपनापन देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वही रोज खाया जाने वाला खाना कभी-कभी हमारी सेहत के लिए खतरा बन सकता है? खासकर तब, जब बात हो बढ़ते यूरिक एसिड की। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो ये जोड़ों में दर्द, सूजन, गठिया और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। लोग अक्सर मानते हैं कि मांस और शराब से दूरी बनाकर ही इसे रोका जा सकता है।

लेकिन हकीकत ये है कि हमारी रोजमर्रा की थाली में शामिल कई सामान्य चीजें भी इसे बढ़ा सकती हैं। आइए जानें ऐसी 7 आम खाद्य चीजें जो चुपचाप यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा सकती हैं, और जानें इनके देसी और सेहतमंद विकल्प क्या हैं।

1. तूर दाल की जगह मूंग दाल


तूर, मसूर और उड़द जैसी दालों में प्रोटीन तो होता है, लेकिन ये दालें प्यूरीन नामक तत्व से भरपूर होती हैं, जो शरीर में जाकर यूरिक एसिड में बदलते हैं। इन्हें ज्यादा मात्रा में खाना नुकसानदेह हो सकता है।

बेहतर विकल्प: मूंग दाल या अंकुरित मूंग – ये हल्की होती हैं, जल्दी पचती हैं और यूरिक एसिड भी नहीं बढ़ातीं।

2. गोभी की जगह लौकी या तोरई

गोभी भले ही स्वादिष्ट हो, लेकिन ये भी मध्यम स्तर की प्यूरीन वाली सब्जी है। खासकर जब इसे पराठे या मसालेदार तरीके से खाया जाए।

बेहतर विकल्प: लौकी और तोरई – ये न सिर्फ पाचन में आसान हैं, बल्कि शरीर को ठंडक देती हैं और डिटॉक्स भी करती हैं।

3. मशरूम की जगह पनीर या टोफू

मशरूम में भी प्यूरीन की मात्रा अच्छी-खासी होती है, और बार-बार खाने पर ये यूरिक एसिड को बढ़ा सकते हैं।

बेहतर विकल्प: टोंड मिल्क से बना पनीर या सोया आधारित टोफू – ये प्रोटीन देते हैं लेकिन शरीर पर हल्के होते हैं।

4. राजमा की जगह काला चना या चना दाल

राजमा भले ही स्वादिष्ट हो, लेकिन ये पचने में भारी और प्यूरीन युक्त होता है, खासकर जब इसे तीखे मसालों में पकाया जाए।

बेहतर विकल्प: उबला हुआ काला चना या हल्की तड़की वाली चना दाल – ये शरीर को प्रोटीन देता है बिना यूरिक एसिड को बढ़ाए।

5. पालक की जगह मेथी

पालक में आयरन होता है, लेकिन ये ऑक्सेलेट्स और प्यूरीन में भी समृद्ध होता है जो यूरिक एसिड को बढ़ा सकते हैं।

बेहतर विकल्प: मेथी के पत्ते – ये पोषण से भरपूर होते हैं, आसानी से पचते हैं और यूरिक एसिड के स्तर को नहीं बढ़ाते।

6. मलाई या फुल-फैट दूध की जगह लो-फैट दूध

दूध खुद में नुकसानदेह नहीं, लेकिन मलाई, क्रीम और फुल-फैट दूध से सूजन और इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ सकता है, जिससे यूरिक एसिड भी बढ़ता है।

बेहतर विकल्प: लो-फैट दूध या घर का बना दही – ये पाचन में हल्के होते हैं और संतुलित मात्रा में फायदेमंद रहते हैं।

7. मीठे ड्रिंक्स की जगह देसी हेल्दी पेय

फ्रुक्टोज, ग्लूकोज सिरप और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स से भरपूर पेय यूरिक एसिड के सबसे बड़े छुपे हुए स्रोत हैं। ये शरीर में जाकर यूरिक एसिड बनाते हैं।

बेहतर विकल्प: नारियल पानी, जीरा पानी या तुलसी-मिंट युक्त जल – ये पारंपरिक पेय शरीर को ठंडक देते हैं, डिटॉक्स करते हैं और किडनी के लिए भी अच्छे हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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