महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के एक सर्वे से पता चला है कि मुंबई में लगा 62 में से 60 होर्डिंग्स में ऐसे है, जिन्हें अथॉरिटी की ओर से NOC तक नहीं मिला है। शुक्रवार को जारी एक बयान में, MHADA ने खुलासा किया कि सर्वे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशों के बाद किया गया था। यह कदम 13 मई को घाटकोपर में एक होर्डिंग गिरने के बाद उठाया गया है, जिस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा घायल हो गए।
पिछले दो महीनों में, MHADA ने गैर-कानूनी होर्डिंग्स के मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है। एजेंसी ने ये भी चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने पर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की मदद से इन इंफ्रास्ट्रक्चर को जबरन नष्ट कर दिया जाएगा।
इस पर तुरंत एक्शन की जरूरत है
MHADA के बयान में इस बात पर जोर डाला गया है कि भले ही ये होर्डिंग्स BMC की मंजूरी के साथ लगाए गए थे, लेकिन उनके पास MHADA की NOC नहीं थी। इस पर तुरंत एक्शन की जरूरत है।
रिलीज में कहा गया, “BMC ने विज्ञापन देने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें एक तय समय के भीतर MHADA की NOC जमा करना पड़ेगा। नियम का पालन नहीं होने पर विज्ञापन परमिट रद्द कर दिया जाएगा और मुंबई नगर निगम अधिनियम 1888 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
MHADA और BMC ने हटाए होर्डिंग
इसके अलावा, MHADA और BMC ने एक साथ मिल कर MHADA की मंजूरी के बिना जुहू में शुभ जीवन सहकारी हाउसिंग सोसाइटी में लगाए गए 40 गुणा 40 फीट के होर्डिंग (Mumbai Hoarding) को हटा दिया है।
MHADA के VC और CEO संजीव जयसवाल ने कहा, “हम नियम और कानून का पालन सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्थानों को अनधिकृत इंफ्रास्ट्रक्चर से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ऑपरेशन सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति हमारे समर्पण को रेखांकित करता है। हमारे नागरिकों की सुरक्षा सबसे ऊपर है।”