सावधान! भारत के नौ राज्यों पर जलवायु परिवर्तन के चलते मंडरा रहा भीषण आपदा का खतरा, सामने आई बेहद ही डराने वाली रिपोर्ट

क्रॉस डिपेंडेंसी इनिशिएटिव (XDI) ने 2050 में दुनिया भर के 2,600 से ज्यादा राज्यों और प्रांतों में मानव निर्मित पर्यावरण के लिए भौतिक जलवायु जोखिम का आकलन किया है। XDI जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध कंपनियों के एक ग्रुप का हिस्सा है

अपडेटेड Feb 20, 2023 पर 2:21 PM
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सावधान! भारत के नौ राज्यों पर जलवायु परिवर्तन के चलते मंडरा रहा भीषण आपदा का खतरा

दिनों दिन जैसे-जैसे प्रकृति (Nature) के साथ छेड़-छेड़ बढ़ रही है। वैसे ही प्राकृतिक और इंसानी आपदा (Disaster) भी काफी तेजी से बढ़ती जा रही हैं। इस बीच खबर आई है कि बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब समेत भारत के नौ राज्य दुनिया के शीर्ष 50 रीजन में शामिल हैं, जहां जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खतरों के कारण मानव निर्मित आपदा (Man Made Disaster) का खतरा है। एक नई रिपोर्ट में ये बात सामने आई है। ये रिपोर्ट सोमवार को पब्लिश हुई है।

PTI के मुताबिक, क्रॉस डिपेंडेंसी इनिशिएटिव (XDI) ने 2050 में दुनिया भर के 2,600 से ज्यादा राज्यों और प्रांतों में मानव निर्मित पर्यावरण के लिए भौतिक जलवायु जोखिम का आकलन किया है। XDI जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध कंपनियों के एक ग्रुप का हिस्सा है।

इंसान ने अपनी जरूरत के अनुसार, अपने पर्यावरण में कई बदलाव किए हैं। मानव निर्मित पर्यावरण में हर वो चीज शामिल है, जिसे इंसान ने बनाया है। मकान, बिल्डिंग, एयर पोर्ट, रेलवे स्टेशन, मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, अस्पताल, आदि मानव निर्मित पर्यावरण का हिस्सा हैं।


XDI ग्रॉस डोमेस्टिक क्लाइमेट रिस्क डेटा सेट ने इन क्षेत्रों की तुलना चरम मौसम और जलवायु परिवर्तन जैसे बाढ़, जंगल की आग, हीटवेव और समुद्र के स्तर में बढ़ोतरी से इमारतों और संपत्तियों को नुकसान के मॉडल अनुमानों के अनुसार की।

इसमें चीन और भारत पर खास ध्यान दिया गया है। इस लिस्ट में एशिया को उच्चतम खतरा है, क्योंकि शीर्ष 200 क्षेत्रों में से आधे से ज्यादा (114) एशियाई क्षेत्र के हैं।

विश्लेषण के अनुसार, 2050 में शीर्ष 50 सबसे ज्यादा जोखिम वाले राज्यों और प्रांतों में से 80 प्रतिशत चीन, अमेरिका और भारत में हैं।

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टॉप 50 राज्यों में चीन के बाद सबसे ज्यादा नौ राज्य भारत के हैं, जिनमें 22 नंबर पर बिहार, 25 नंबर पर उत्तर प्रदेश, 28 नंबर पर असम, 32 नंबर पर राजस्थान, 36 नंबर पर तमिलनाडु, 38 पर महाराष्ट्र, 48 पर गुजरात, 50 पर पंजाब और 52 नंबर पर केरल शामिल हैं।

असम में मानव निर्मित पर्यावरण के लिए जलवायु जोखिम में 1990 की तुलना में 2050 तक अधिकतम 330 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा देखा जाएगा।

टॉप 100 में पाकिस्तान के कई प्रांत भी हैं, जिनमें सिंध प्रांत भी शामिल है। जून और अगस्त 2022 के बीच विनाशकारी बाढ़ ने पाकिस्तान के 30 प्रतिशत क्षेत्र को प्रभावित किया और सिंध प्रांत में नौ लाख से ज्यादा घरों को आंशिक रूप से या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया।

पहली बार फिजिकल क्लाइमेट रिस्क का विश्लेषण

यह पहली बार है जब दुनिया के हर राज्य, प्रांत और क्षेत्र की तुलना करते हुए खासतौर से निर्मित पर्यावरण पर केंद्रित एक फिजिकल क्लाइमेट रिस्क विश्लेषण किया गया है।

क्षति जोखिम के लिए टॉप 100 में अत्यधिक विकसित और विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण एशियाई आर्थिक केंद्रों में बीजिंग, जकार्ता, हो चि मिन्ह सिटी, ताइवान और मुंबई शामिल हैं।

चीन में जोखिम वाले राज्य और प्रांत यांग्त्ज़ी और पर्ल नदियों के बाढ़ के मैदान और डेल्टा के साथ विश्व स्तर पर जुड़े पूर्व और दक्षिण में केंद्रित हैं। अमेरिका में आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण कैलिफोर्निया, टेक्सास और फ्लोरिडा सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

शीर्ष 50 में कई प्रांतों और राज्यों वाले दूसरे देशों में ब्राजील, पाकिस्तान और इंडोनेशिया शामिल हैं। यूरोप में, उच्च रैंकिंग वाले राज्यों में लंदन, मिलान, म्यूनिख और वेनिस शहर शामिल हैं।

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