Amarnath Yatra 2023: जम्मू से बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा की ओर अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना हो गया है। आज सुबह तड़के करीब 4.15 बजे पूजा अर्चना के बाद उप राज्यपाल (Lieutenant Governor – LG) और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने पहले जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान जम्मू का बेस कैंप पूरी तरह भोले के रंग में रंगा गया। भक्तों ने भोले के जयकारे लगाकर यात्रा की शुरुआत की। ये जत्था पवित्र गुफा के दर्शन करने निकल गया है। LG ने बाबा अमरनाथ से सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
बाबा बर्फानी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं में पुरूषों से ज्यादा महिलाओं की तादात देखने को मिली। श्रद्धालु ढोल नगाड़ों की ताल पर थिरकते नजर आए। कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू से बालटाल और पहलगाम के लिए भक्त रवाना हो गए हैं। इस पहले जत्थे को 1 जुलाई को दर्शन करने का मौका मिलेगा।
3,880 मीटर ऊंची गुफा के दर्शन करेंगे भक्त
तीर्थयात्रियों का पहला जत्था दक्षिण कश्मीर हिमालय (south Kashmir Himalayas) में भगवान शिव के 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर में दर्शन करेंगे। 62 दिवसीय तीर्थयात्रा 1 जुलाई को कश्मीर से दो मार्गों से शुरू होगी। अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर छोटा बालटाल मार्ग है। अमरनाथ की आगे की यात्रा के लिए 3,500 से ज्यादा तीर्थयात्री पहले ही जम्मू पहुंच चुके हैं। पहले जत्थे में रवाना हुए तीर्थयात्रियों का जगह-जगह स्वागत हो रहा है। उधमपुर जिले के टिकरी में काली माता मंदिर में जिला प्रशासन की ओर से भक्तों का स्वागत किया गया।
इस बार यात्रा में कई बदलाव किए गए हैं। पहली बार श्रद्धालुओं को हेलमेट बांटे गए हैं। ट्रैक पर बेहतर रोशनी की व्यवस्था की गई है। आपातकालीन हेलीपैड बनाए गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की मदद के लिए इस बार 34 माउंटेन रेस्क्यू टीमों की भी तैनाती की गई है। श्री अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेश करा चुके हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार 10 फीसदी ज्यादा हैं। कठुआ से पवित्र गुफा तक कई शिविरों में एक साथ 70,000 श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था की गई है। श्री अमरनाथ पवित्र गुफा के पास इस बार रात को किसी भी श्रद्धालु को ठहरने की अनुमति नहीं दी गई है।