Uttarakhand Landslide: उत्तराखंड के चमोली जिले के छिनका में गुरुवार को भारी बारिश के कारण अचानक भूस्खलन होने से ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे बंद हो गया, जिससे दोनों तरफ सैंकड़ों यात्री फंस गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बद्रीनाथ की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे 7 का एक हिस्सा बारिश की पानी में बह गया है। यह हाईवे चमोली जिले में छिनका के पास मलबे से ढक गया है। फिलहाल, हाईवे को खोलने की कार्रवाई जारी है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। IMD ने 3 जुलाई तक राज्य के देहरादून, बागेश्वर, टिहरी, नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका जताई है।
सुबह चमोली जिले में कई स्थानों में तेज बारिश हुई जिसके कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। छिनका में भी पहाड़ी का मलबा सड़क पर आ गया, जिससे उस पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया। जिला प्रशासन ने बताया कि मलबा साफ करने के लिए मौके पर कर्मचारी पहुंच गए है। सड़क पर ट्रैफिक बहाल करने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, मलबे की मात्रा को देखते हुए इसमें समय लगने की संभावना है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हाईवे बंद होने से दोनों तरफ सैकड़ों वाहन हुए फंसे हैं और सड़क पर लंबा जाम लग गया है। बदरीनाथ और हेमकुंड जाने वाले तथा वहां से लौटने वाले यात्रियों के वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग चुकी हैं जिससे यात्री परेशान हैं।
जाम वाली जगह चमोली कस्बे से बदरीनाथ की ओर पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहां सुबह से ही तीर्थयात्री भूखे-प्यासे फंसे हुए हैं। फंसे हुए यात्रियों को पानी, नमकीन एवं बिस्किट तहसील चमोली द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
चमोली पुलिस ने एक ट्वीट में लिखा, "छिनका के पास अवरूद्ध बद्रीनाथ हाईवे को खुलवाने का कार्य लगातार जारी है। कृपया सब्र रखें जल्दबाजी न करें, जब तक रोड सुचारू न हो न निकलें। अधिक जानकारी के लिए चमोली पुलिस के पेज को फॉलो करें।"