Assam Flood: असम में आई बाढ़ से 22 लाख लोग प्रभावित, सिलचर में स्थिति बेहद गंभीर, कई इलाके पानी में डूबे

असम में बाढ़ की स्थिति में मामली सुधार आया है। राज्य के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा सिलचर का दो बार दौरा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की है

अपडेटेड Jun 28, 2022 पर 10:01 PM
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असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं।

Assam Flood: असम में पिछले कई दिनों से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। सोमवार को 8 और लोगों की बाढ़ से मौत हो गई है। बाढ़ से अब तक 135 लोगों की मौत हो गई है। असम के डिजास्टर मैनजमेंट अथॉरिटी (Assam State Disaster Management Authority -ASDMA) के मुताबिक, कछार जिले में पांच, कामरूप मेट्रो, मोरीगांव और नगांव में एक-एक लोगों की मौत हुई है। जबकि कछार जिले से एक व्यक्ति के लापता होने की खबर सामने आई है।

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, असम में 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। असम में पिछले दिनों 28 जिलों में 22.21 लाख लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा था। इस बीच राज्य में मामूली सुधार देखने को मिला है। ऐसे में प्रभावित लोगों की संख्या में गिरावट आई है और 22 जिलों में 21.52 लाख रह गई है।

नगांव जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर


असम के नगांव जिले में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर है। नगांव के डिप्टी कमिश्नर निसर्ग हिवारे (Nisarg Hivare) ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि लोगों को राहत सामग्री मुहैया कराई जा रही है। सब कुछ फ्री में मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने 3 दिन की राहत सामग्री भेज दी है। अब 5 दिनों के लिए राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य की ज्यादातर नदियों में पानी कम हुआ है। हालांकि नगांव में कोपिली, कछार में बराक और करीमगंज में कुशियारा नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

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सिलचर की हालत नाजुक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिलचर में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं। राज्य के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा सिलचर का दो बार दौरा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की है। कछार की डिप्टी कमिश्नर कीर्ति जल्ली (Keerthi Jalli) ने कहा कि जिला डिजास्टर मैनजमेंट के साथ ही यूनीसेफ (UNICEF), ऑक्सफैम (OXFAM) जैसे संगठनों ने सिलचर और उसके आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक पेयजल पहुंचाने के लिए नौका पर लगी वाटर प्यूरीफाई करने की इकाइयां शुरू की हैं। बता दें कि बेतकुंडी में बांध टूटने के बाद सिलचर में बाढ़ आ गई है। जिससे सिचल बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आरोप है कि कुछ बदमाशों ने यह बांध तोड़ दिया।

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