Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले रामचरित मानस की बिक्री में जबरदस्त उछाल, एक हफ्ते में बिकीं 10,000 पुस्तक, युवाओं में बढ़ रही रुचि

Ayodhya Ram Mandir: वाराणसी के बुलानाला स्थित गीता प्रेस की दुकान के साथ-साथ धार्मिक किताबें बेचने वाले दूसरे दुकानदारों को यहां रामचरित मानस और श्री राम से जुड़ी धार्मिक किताबों की डिमांड में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। इन दुकानों पर श्रीराम से जुड़ी सभी धार्मिक किताबों की खरीदारों की भीड़ लगी हुई है

अपडेटेड Jan 17, 2024 पर 8:15 PM
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Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले रामचरित मानस की बिक्री में जबरदस्त उछाल

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Inauguration) का उत्साह, अब काशी में भी दिखने लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वाराणसी (Varanasi) में पिछले एक हफ्ते में 10,000 से ज्यादा रामचरित मानस (Ramcharitmanas) की किताब बिक चुकी हैं। हाल ये है कि पवित्र किताब का स्टॉक खत्म हो गया, लेकिन डिमांड दोगुनी आने लगी है। बड़ी बात ये है कि युवाओं में इसकी अच्छी खासी डिमांड देखने को मिल रही है। इस डिमांड में रामायण, रामचरित मानस और अन्य श्री राम से जुड़ी धार्मिक किताबें शामिल हैं

वाराणसी के बुलानाला स्थित गीता प्रेस की दुकान के साथ-साथ धार्मिक किताबें बेचने वाले दूसरे दुकानदारों को यहां रामचरित मानस और श्री राम से जुड़ी धार्मिक किताबों की डिमांड में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। इन दुकानों पर श्रीराम से जुड़ी सभी धार्मिक किताबों की खरीदारों की भीड़ लगी हुई है।

गीता प्रेस के अनुसार, रामायण और रामचरित मानस की किताबों की बिक्री के लिए जनवरी महीने से ही ऑर्डर मिलने लगे थे, लेकिन जैसे-जैसे प्राण प्रतिष्ठा की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे डिमांड और भी बढ़ती जा रही है। डिमांड को पूरा करने के लिए छपाई के लिए भी लगातार प्रयास किया जा रहा है।


'उपहार में धार्मिक पुस्तकें देने का भी चलन बढ़ा'

गीता प्रेस, वाराणसी शाखा के मैनेजर विजय शर्मा ने बताते हैं कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के बाद से लोगों के मन में काफी इच्छा बढ़ गई है कि वे रामचरित मानस, रामायण, तुलसीदास जी की रचनाएं पढ़ें या अपने घर में रखें। लोगों को उपहार में धार्मिक पुस्तकें देने का भी चलन बढ़ गया है। ऐसे में डिमांड बढ़ने से इस तरह की किताबें कम पड़ रही हैं।

हालांकि, शर्मा ये भी बताते हैं कि गोरखपुर में भी रात-दिन लग कर इनकी छपाई भी की जा रही है। हम लोग इस कोशिश में हैं कि ग्राहकों डिमांड को पूरा किया जा सके।

विजय ये भी बताते हैं कि लगभग 20 दिनों से इसका डिमांड काफी बढ़ गई है। देश के अलग-अलग राज्यो, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, ओडिशा, बंगाल और पंजाब सभी जगहों से काफी मांग आ रही है। साथ ही कम उम्र के लोगों में ज्यादा इच्छा है कि वे भगवान राम की महिमा को जानें और पढ़ें।

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रामायण और रामचरित मानस की बिक्री के सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। उसका यह कारण है कि इसे खरीदने वालों में कई लोग ऐसे हैं, जो प्रभु श्री राम के विराजमान होने पर खुशी जाहिर करते हुए लोगों में रामचरित मानस और सुंदरकांड की पुस्तकों को भेंट में दे रहे हैं। ऐसे ऑर्डर के लिए भी कई खरीदार गीता प्रेस की दुकानों पर नजर आ रहे हैं ।

रामलला के उत्सव का रंग रामायण और राम चरित मानस पर खासा चढ़ा हुआ नजर आया है। इस उत्सव में आने वाली पीढ़ी की सहभागिता श्री राम से जुड़ी धार्मिक किताबों की बिक्री का रिकार्ड टूटने पर नजर आ रही है। क्योंकि खरीदारों में सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं बल्कि युवा पीढ़ी ने भी बढ़-चढ़ कर हिसा लिया है।

रिपोर्ट: वाराणसी से रवि पाण्डेय

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