चाइनीज लोन ऐप की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। आजकल ये ऐप बंद और निष्क्रिय पड़ी NBFC कंपनियों के जरिए लोन देकर लोगों को फंसाने का धंधा कर रहे हैं। इसपर सरकार भी एक्शन में आ गई है। इस पर डिटेल में जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि चाइनीज लोन ऐप की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि ये देश में निष्क्रिय और बंद NBFCs के जरिए धंधा कर रही है। करीब 6000 NBFC कंपनियां जांच के दायरे में हैं। सरकार ने इसपर RBI को एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।
RBI की तरफ से NBFC की हर साल KYC करने का निर्देश दिया गया है। Fintech के रेगुलेशन को सख्त करने के लिए भी कहा गया है। मिनिस्ट्री और होम अफेयर (MHA) ने चाइनीज लोन ऐप पर बैठक की है। इस पर RBI,MCA,वित्त मंत्रालय के साथ रिव्यू बैठक भी हुई है।
भारत में चाइनीज लोन ऐप धोखाधड़ी और बेइज्जत होने के बाद आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं।इनमें चीनी नागरिकों की संलिप्तता सामने आई है। इस तरह के ऐप के जरिए अधिक ब्याज पर लोन दिए जाते हैं। इनकी वसूली के लिए धमकी भरे कॉल भी किए जाते हैं। इनके निशाने पर वित्तीय संकट का सामना कर रहे लोग होते। ये उन्हें ज्यादा ब्याज पर लोन देते हैं और पेमेंट के लिए धमकी देते थे। इस मामले में कई चीनी नागरिकों को गिरफ्तार भी किया गया है। देश में तेजी से साइबर क्राइम के मामले बढ़े हैं और लोग बड़ी संख्या में वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। ऐप से तुरंत मिल रहे लोन लोगों को कर्ज के जाल में फंसा रहे हैं।
बता दें कि इसके पहले भी इस तरह के जालसाजी के मामले में आरबीआई के साथ पंजीकृत तीन एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) के नाम सामने आए थे। इनमें एक्स 10 फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, ट्रैक फिन-एड प्राइवेट लिमिटेड और जमनादास मोरारजी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम शामिल हैं। अब करीब करीब 6000 NBFCकंपनियां जांच के दायरे में आ गई हैं।