BIHAR HOOCH TRAGEDY: बिहार में जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों की संख्या 53 हुई, 123 लोग गिरफ्तार

Bihar Hooch Tragedy: शराबबंदी वाले बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 53 हो गई है, जबकि 12 लोगों का अभी विभिन्‍न अस्‍पतालों में इलाज चल रहा है

अपडेटेड Dec 16, 2022 पर 12:02 PM
BIHAR HOOCH TRAGEDY: मरने वालों की संख्‍या अभी बढ़ सकती है, क्‍योंकि 12 और लोगों का अभी विभिन्‍न अस्‍पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से 5 की हालत गंभीर है

BIHAR HOOCH TRAGEDY: पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार (Bihar) के सारण जिले (Hooch Tragedy in Saran) में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 27 से बढ़कर शुक्रवार को 53 हो गई। सारण जिला मजिस्ट्रेट राजेश मीणा (Saran DM Rajesh Meena) ने बताया कि शुक्रवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 53 हो गई। सबसे ज्यादा 24 मौतें मसरख ब्लॉक से हुई हैं, जबकि बाकी 29 मौतें जिले के इसुआपुर, अमनौर और मढ़ौरा इलाकों से हुई हैं। गुरुवार को 25 और बीमार लोगों की मौत हो गई। इसमें 17 लोग मशरख, अमनौर और मढ़ौरा के ही नए इलाकों से है। मरने वालों तीन ऐसे लोग है जो खुद ही शराब बेच रहे थे।

SIT का गठन, अब तक 123 गिरफ्तार

रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वालों की संख्‍या अभी बढ़ सकती है, क्‍योंकि 12 और लोगों का अभी विभिन्‍न अस्‍पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से 5 की हालत गंभीर है। कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है। सारण के DM राजेश मीणा ने कहा कि अब तक 123 लोगों सहित चार आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। बिहार सरकार ने घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। टीम का नेतृत्व सोनपुर के ASP अंजनी कुमार करेंगे। टीम को जहरीली शराब कांड के सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया गया है। सारण जिले के मसरकह थाने के SHO और चौकीदार को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


आरोप-प्रत्यारोप जारी

सारण के सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि प्रभावित गांवों में उन घरों में मौत के मामले सामने आए हैं जहां ये लोग कुछ नशीला पदार्थ पीने के बाद बीमार पड़ गए थे। लेकिन कानून के दायरे में आने के डर से उन्होंने इसकी शिकायत नहीं की। इस घटना को लेकर लगातार दूसरे दिन भी राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत ‘महागठबंधन’ सरकार और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।

विपक्षी दल ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। शराबबंदी कानून के प्रावधानों की समीक्षा किए जाने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने उस रुख पर कायम रहे कि शराबबंदी मेरी व्यक्तिगत इच्छा से लागू नहीं की गई, बल्कि राज्य की महिलाओं के अनुरोध पर इसे लागू किया गया। बता दें कि नीतीश कुमार सरकार ने अप्रैल 2016 से बिहार में शराब उत्पादन, खरीद, बिक्री, सेवन आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

‘जो पिएगा वो मरेगा’

बिहार में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 53 पर पहुंचने और राज्य सरकार की शराबबंदी नीति को लेकर हो रहे चौतरफा हमलों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोग जहरीली शराब पीएंगे, तो वे मरेंगे। नीतीश कुमार के विधानसभा पहुंचने पर बीजेपी विधायकों ने नारेबाजी की। विधायकों ने बाद में सदन की कार्यवाही भी बाधित करने की कोशिश की। वे हाथ में पोस्टर लिए लगातार नारेबाजी करते दिखे।

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विधानसभा के अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने मार्शल से उनके हाथों से पोस्टर व तख्तियां लेने को कहा और BJP विधायकों की लगातार नारेबाजी के बीच कार्यवाही आगे बढ़ाई। इसके बाद अध्यक्ष पर सत्तारूढ़ दल का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए BJP के सदस्य ने सदन से वॉकआउट कर गए।

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