"जो पिएगा वो मरेगा ही", शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली शराब से 39 मौतों पर बोले CM नीतीश कुमार

Bihar Hooch Tragedy: शराबबंदी वाले बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 39 हो गई है

अपडेटेड Dec 15, 2022 पर 2:27 PM
नीतीश कुमार की सरकार ने अप्रैल 2016 में बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर बैन लगा दिया था

Bihar Hooch Tragedy: शराबबंदी वाले बिहार (Bihar) में जहरीली शराब से अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 47 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मुद्दे पर लगातार बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेर रही है। विपक्षी नेताओं ने सरकार के शराबबंदी पर सवाल उठाया। इसी बीच नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने विधानसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जो नकली शराब पिएगा वह तो मरेगा ही, लोगों को खुद ही सचेत रहना होगा। सीएम ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जहां बैन नहीं है वहां भी लोग मर रहे हैं।

जहरीली शराब से बिहार में 39 लोगों की मौत पर पत्रकारों ने जब सवाल पूछा तो सीएम नीतीश कुमार ने कहा, "जहरीली शराब से शुरू से लोग मरते हैं। इससे अन्य राज्यों में भी लोग मरते हैं। लोगों को सचेत रहना चाहिए, क्योंकि जब शराबबंदी है तो खराब शराब मिलेगी ही। जो शराब पियेगा वो मरेगा। इस पर पूरी तरह से एक्शन होगा।"

नीतीश सरकार के एक मंत्री ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि बिहार के सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है। इस घटना को लेकर आज राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार और विपक्षी दल बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।


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बिहार के शराबबंदी मामले के मंत्री सुनील कुमार के अनुसार, सारण के मशरक और इसुआपुर थाना क्षेत्र में लोगों के मरने की सूचना है। उन्होंने पीटीआई को बताया, ‘सारण में कथित जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है। बता दें कि नीतीश सरकार ने अप्रैल, 2016 से बिहार में शराब उत्पादन, खरीद, बिक्री, सेवन आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

सारण के सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा ने कहा कि ज्यादातर लोगों की मौत जिला मुख्यालय छपरा में स्थित अस्पताल में हुई है। कुछ लोग जो मंगलवार सुबह से ही बीमार थे, उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सिन्हा ने फोन पर पीटीआई को बताया कि चूंकि यह संदेह है कि मरने वाले सभी लोगों ने कुछ नशा किया था, पोस्टमार्टम के बाद उनके बिसरा का सैंपल टेस्ट के लिए मुजफ्फरपुर भेजा जा रहा है।

इसबीच, जिला प्रशासन ने कहा कि उसने अधिकारियों की टीम गठित की है जो प्रभावित गांवों का दौरा करेगी। साथ ही प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका पता लगाने का प्रयास करेंगी जिन्होंने संभवत: जहरीली शराब परोसी होगी।

सारण जिले में कथित रूप से जहरीली शराब से लोगों की मौत को लेकर बुधवार को भी विधानसभा के अंदर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

बीजेपी विधायकों ने विधानसभा के अंदर हंगामा किया। इस दौरान उनमें से कई ने सरकार पर अवैध शराब की बिक्री को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। विधायकों ने सारण की घटना में जान गंवाने वालों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा देने की मांग की।

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