बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग पिछले कई दिनों से चल रही है। छात्र कड़ाके की ठंड में धरना प्रदर्शन में जुटे हुए हैं। इस बीच छात्रों के समर्थन में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मैदान में आ गए और छात्रों के साथ गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठ गए। इसके बाद पटना पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से गांधी मैदान खाली करा लिया। पुलिस ने प्रशांत किशोर को हिरासत में ले लिया है। इस दौरान जन सुराज पार्टी और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने प्रशांत किशोर को थप्पड़ मारा है।
इस मामले में जन सुराज की तरफ से कहा गया है कि प्रशांत किशोर को पुलिस AIIMS लेकर गई है। उन्हें सभी लोगों से अलग कर दिया गया है। प्रशांत किशोर ने किसी भी तरह का इलाज कराने से मना कर दिया है। अपना अनशन जारी रखा है। जानकारी के मुताबिक लगभग 10 थानों की पुलिस गांधी मैदान पहुंची थी।
हिरासत से पहले डॉक्टर ने की थी जांच
प्रशांत किशोर 2 जनवरी से बीपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ आमरण अनशन कर रहे थे। अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर की रोजाना मेडिकल जांच हो रही है। रविवार (5 जनवरी) को भी डॉ. लाल पांडेय ने उनकी जांच की थी। जांच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया, प्रशांत किशोर का स्वास्थ्य अभी ठीक है। भूखे रहने से शरीर में यूरिया का स्तर थोड़ा बढ़ गया हैं। वहीं, शुगर का स्तर ऊपर नीचे हो रहा है। डॉक्टर ने प्रशांत किशोर से अपील करते हुए कहा अब अगर वो सॉलिड और लिक्विड डाइट लेना शुरू नहीं किए तो स्थिति बिगड़ सकती है।
2 जनवरी से आमरण अनशन पर हैं प्रशांत किशोर
जन सुराज के संस्थापक बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से 13 दिसंबर को 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) परीक्षा कराई गई थी। जिसे छात्र रद्द करने की मांग कर रहे थे। इस पर छात्रों के समर्थन में प्रशांत किशोर 2 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठ गए थे। हालांकि, बीपीएससी ने 13 दिसंबर की में शामिल हुए कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों के लिए री-एग्जाम कराने का आदेश दिया था। यह परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के चलते विवादों में घिरी थी।