CDS Anil Chauhan: आतंकवाद विरोधी अभियानों में माहिर, 40 साल का अनुभव... जानें कौन हैं देश के नए नए सीडीएस अनिल चौहान

CDS Anil Chauhan: लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान का जन्म 18 मई 1961 को हुआ था। उन्हें 1981 में भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स में कमीशन प्रदान किया गया था

अपडेटेड Sep 29, 2022 पर 10:21 AM
Indian Army में 40 साल सेवा देने के बाद अनिल चौहान पिछले साल ही रिटायर हुए थे

लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) अनिल चौहान (CDS Anil Chauhan) देश के दूसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ (CDS) होंगे। अनिल चौहान को बुधवार को देश के नए सीडीएस के रूप में नियुक्त किया गया। जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) के निधन के बाद से यह पद खाली था। पद खाली होने के 9 महीने से अधिक समय बाद इस पर नियुक्ति की गई है। भारतीय सेना में 40 साल सेवा देने के बाद अनिल चौहान पिछले साल ही रिटायर हुए थे।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर पूर्वी सेना के पूर्व कमांडर एवं सैन्य अभियान के पूर्व महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल चौहान की नियुक्ति की घोषणा की। मंत्रालय ने कहा कि 61 वर्षीय चौहान उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सैन्य मामलों से जुड़े विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे।

40 साल का अनुभव


लगभग 40 वर्षों से अधिक के अपने करियर में लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने कई कमान, स्टॉफ और महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्हें जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों का व्यापक अनुभव हैं। लेफ्टिनेंट जनरल चौहान पिछले साल मई में रिटायर हुए थे। उस समय वह पूर्वी सेना कमांडर के रूप में कार्यरत थे।

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रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) को अगले सीडीएस के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है, जो भारत सरकार, सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से और अगले आदेश तक कार्य करेंगे।

सेना में सफर

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान का जन्म 18 मई 1961 को हुआ। साल 1981 में उन्होंने भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स को ज्वॉइन किया था। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी, खडकवासला और इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून के एल्युमनी रहे। मेजर जनरल के रैंक में उन्होंने उत्तरी कमान में महत्वपूर्ण बारामुला सेक्टर में एक इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली थी।

बाद में लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में, उन्होंने पूर्वोत्तर में एक कोर की कमान संभाली और सितंबर 2019 से पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने तथा मई 2021 में रिटायरमेंट तक यह पदभार संभाला।

इन कमान नियुक्तियों के अलावा वह महानिदेशक, सैन्य अभियान के प्रभार समेत महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। इससे पहले उन्होंने अंगोला में संयुक्त राष्ट्र मिशन के रूप में भी काम किया। रिटायर होने के बाद भी, उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रणनीतिक मामलों में योगदान देना जारी रखा।

सेना में विशिष्ट और उल्लेखनीय सेवा के लिए लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) को परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। आपको बता दें कि पिछले साल 8 दिसंबर को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद से यह पद खाली था।

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