केंद्र सरकार ने FCI चावल का रिजर्व प्राइस शुक्रवार, 17 जनवरी को राज्यों और एथेनॉल प्रोड्यूसर्स के लिए 550 रुपये प्रति क्विंटल घटाकर 2,250 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। ऐसा ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत किया गया। यह कदम FCI चावल की बिक्री को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा उपायों को सपोर्ट करने के लिए उठाया गया है। खाद्य मंत्रालय के आदेश के अनुसार, राज्य सरकारें और सरकारी निगम कम दर पर 12 लाख टन तक FCI चावल खरीद सकते हैं, जबकि एथेनॉल डिस्टिलरी को 24 लाख टन तक खरीदने की इजाजत है।
दोनों कैटेगरीज के लिए FCI चावल का पिछला रिजर्व प्राइस 2,800 रुपये प्रति क्विंटल था। साप्ताहिक ई-नीलामी के माध्यम से चावल के भंडारण को मैनेज करने वाला भारतीय खाद्य निगम (FCI) रिवाइज्ड पॉलिसी को 30 जून, 2025 तक लागू करेगा।
प्राइवेट ट्रेडर्स और सहकारी समितियों को कितना करना होगा भुगतान
प्राइवेट ट्रेडर्स और सहकारी समितियों को FCI चावल के लिए 2,800 रुपये प्रति क्विंटल का ही भुगतान करना होगा। ‘भारत’ ब्रांड के तहत बिक्री करने वाली नैफेड, NCCF और केंद्रीय भंडार जैसी केंद्रीय सहकारी समितियां 2,400 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान करेंगी। मंत्रालय ने आदेश दिया है कि 2024-25 के दौरान लगभग 110 करोड़ लीटर एथेनॉल के लिए तीसरे साइकिल के टेंडर में FCI चावल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जहां तक संभव हो, पुराने चावल के भंडारण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
OMSS के तहत राज्यों को चावल की बिक्री नॉन-सरप्लस रीजंस तक सीमित है। इन क्षेत्रों को अतिरिक्त सप्लाई की जरूरत होती है। प्राइवेट मिल मालिकों को ‘भारत’ ब्रांड चावल की बिक्री किए जाने की इजाजत नहीं है, लेकिन हॉस्टल, धार्मिक संस्थानों, अस्पतालों और धर्मार्थ संगठनों के लिए इसकी बिक्री की इजाजत है। OMSS पॉलिसी का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को बढ़ाना और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के लिए चावल का कुशल वितरण सुनिश्चित करना है।