CM Yogi Adityanath : विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते गुरुवार को दिल्ली जनसभा कर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) को जमकर निशाने पर लिया। सीएम योगी ने इस दौरान दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को यमुना में डुबकी लगाने का चैलेंज भी दिया था। इसपर अरविंद केजरीवाल ने सीएम योगी पर पलटवार किया था। सीएम योगी ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी के मुखिया को जवाब दिया है।
सीएम योगी ने दिया ये चैलेंज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेले में नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ये आप मुखिया को जवाब दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में डुबकी लगानी चाहिए, उम्मीद है कि "इससे उन्हें कुछ लाभ होगा"। सीएम योगी ने कहा, "मैं सुझाव दूंगा कि जिस तरह मैंने अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ मां गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई, उसी तरह उन्हें भी यहां डुबकी लगानी चाहिए। इससे उन्हें लाभ होगा।"
बता दें कि गुरुवार को दिल्ली चुनाव के लिए अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा था कि, "क्या केजरीवाल और उनके मंत्री यमुना में स्नान कर सकते हैं? मुझे नहीं लगता कि वे हिम्मत करेंगे और मुझे नहीं लगता कि दिल्ली के लोग उनकी इस लापरवाही के लिए उन्हें माफ करेंगे।" वहीं शनिवार को नेटवर्क18 के इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "प्रयागराज में यमुना को देखिए और इसकी तुलना दिल्ली में यमुना से कीजिए। यहां आप पवित्र घूंट ले सकते हैं और नदी में स्नान भी कर सकते हैं। क्या दिल्ली में ऐसा संभव है? मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि आम आदमी पार्टी ने देश, दिल्ली के लोगों और राजधानी के निवासियों के साथ विश्वासघात किया है। वहां की स्थिति देखिए- उन्होंने यमुना को गंदे नाले में बदल दिया है। इसका असर सिर्फ दिल्ली के लोगों पर ही नहीं बल्कि मथुरा, वृंदावन और आगरा के लोगों पर भी पड़ा है।"
सीएम योगी ने आगे कहा कि, "जब चंबल, केन और बेतवा जैसी नदियों का शुद्ध पानी यमुना में मिलता है तो नदी अपनी दिव्यता वापस पा लेती है। हमने विभिन्न स्थानों पर जो ट्रीटमेंट प्लांट लगाए हैं, उनकी बदौलत मां गंगा और मां यमुना अब अपने शुद्धतम रूप में यहां बहती हैं। अन्यथा, उन्होंने जो स्थिति पैदा की होती, वह भयावह होती। यह सिर्फ एक नदी की बात नहीं है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को ही धोखा दिया है। उनका विश्वासघात हमारी विरासत के सार तक फैला हुआ है।"