इन दिनों देश के कई राज्य बिजली संकट के दौर से गुजर रहे हैं। इन राज्यों को कोयले सख्त दरकरार है। लेकिन भारत में सैकड़ों अरब टन कोयले का भंडार है इसके बावजूद आखिर भारत में बिजली संकट क्यों बना रहता है। यह एक बड़ा सवाल है। भारत में कोयले के ओद्योगिक खनन की कहानी पश्चिम बंगाल के रानीगंज से शुरू हुई थी। जहां ईस्ट इंडिया कंपनी ने नारायणकुड़ी इलाक़े में 1774 में पहली बार कोयले का खनन किया था। लेकिन तब डिमांड बहुत कम थी, लिहाजा कई सदियों तक कोयले का बड़े पैमाने पर उत्पादन नहीं किया गया।
