Delhi Cold Wave: दिल्ली-NCR समेत पूरा उत्तर भारत शीतलहर और कड़ाके ठंड की चपेट में है। सड़कों पर घना कोहरा छाया हुआ है। विजिबिलिटी काफी कम है। हालात ऐसे हो गए हैं दिल्ली का तापमान हिल स्टेशनों से भी कम गया है। राष्ट्रीय राजधानी में शिमला और देहरादून से भी ज्यादा ठंडी दिल्ली में पड़ रही है। दिल्ली में जबरदस्त शीतलहर के चलते शुक्रवार को मौसम की सबसे सर्द सुबह दर्ज की गई, जब पारा 1.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। यह बीते दो वर्षों में जनवरी में दिल्ली में दर्ज सबसे न्यूनतम तापमान भी है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली में कई पहाड़ी इलाकों से ज्यादा ठंड दर्ज की गई।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के आयानगर (Aya Nagar) में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस और दिल्ली रिज में 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इससे पहले गुरुवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गुरुवार को आयानगर में 2.2, लोधी रोड और रिज में तापमान रहा 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोहरे के कारण कम से कम 26 ट्रेन के पहुंचने में एक से 10 घंटे की देरी हुई।
शिमला से भी ज्यादा ठंडी हुई दिल्ली
राजधानी में गुरुवार को न्यूनतम तापमान डलहौजी (4.9 डिग्री सेल्सियस), धर्मशाला (5.2 डिग्री सेल्सियस), कांगड़ा (3.2 डिग्री सेल्सियस), शिमला (3.7 डिग्री सेल्सियस), देहरादून (4.6 डिग्री सेल्सियस), मसूरी (4.4 डिग्री सेल्सियस) और नैनीताल (6.2 डिग्री सेल्सियस) के मुकाबले कम रहा। वहीं, बुधवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस और मंगलवार को 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। राष्ट्रीय राजधानी में सुबह साढ़े पांच बजे विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर तक रह गई। विभाग के मुताबिक, शून्य से 50 मीटर तक विजिबिलिटी ‘बहुत घने कोहरे’, 51 मीटर से 200 मीटर तक ‘घने कोहरे’, 201 मीटर से 500 मीटर तक ‘मध्यम कोहरे’ और 501 मीटर से 1000 मीटर तक विजिबिलिटी ‘हल्के कोहरे’ की कैटेगरी में आती है।
मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के लिए शुक्रवार के लिए ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। IMD के अनुसार, अगले 24 घंटे तक शीत लहर और ठंड का प्रकोप जारी रहने के आसार हैं। हालांकि, सात जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत के एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में आने के कारण सर्दी से थोड़ी राहत मिल सकती है।