Covid Vaccine News: नाक के जरिए ली जाने वाली दुनिया की पहली कोविड वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) यानी नेजल ड्रॉप वैक्सीन इनकोवैक (iNCOVACC) इस महीने के आखिरी तक लॉन्च हो सकती है। हालांकि यह हर जगह उपलब्ध नहीं हो पाएगी। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि इस वैक्सीन को लेकर सिर्फ बड़े शहरों के कॉरपोरेट हॉस्पिटल्स ने ही दिलचस्पी दिखाई है। इतने कम हॉस्पिटल्स ने iNCOVACC में कम दिलचस्पी इसलिए दिखाई है क्योंकि बूस्टर डोज की मांग कम हो रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकार की तरफ से इसे खरीदने की कोई डिटेल्स नहीं आई है। इस वैक्सीन को भारत बॉयोटेक (Bharat Biotech) ने तैयार किया है।
iNCOVACC को लेकर कहां आ रही है दिक्कत
देश में प्राइवेट अस्पतालों की सबसे बड़ी बॉडी एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (AHPI) के सीनियर एग्जेक्यूटिव्स का कहना है कि बड़े कॉरपोरेट अस्पतालों ने वैक्सीन के लिए भारत बॉयोटेक से बातचीत शुरू कर दी है। हालांकि बूस्टर डोज की मांग कम है और यह नई वैक्सीन है तो इनकोवैक के ऑर्डर कम हैं। एएचपीआई के डायरेक्टर जनरल गिरधर जे ज्ञानी के मुताबिक 100 या इससे अधिक बेड वाले अस्पताल ही ज्यादातर ऑर्डर कर रहे हैं।
गिरधर के मुताबिक इसकी मांग इसलिए भी कम है क्योंकि इस वैक्सीन की बूस्टर के तौर पर भी दो डोज लेनी होगी जिसकी कीमत करीब 2 हजार रुपये पड़ेगी। भारत बॉयोटेक ने निजी अस्पतालों के लिए इस वैक्सीन के प्रति डोज की कीमत 800 रुपये और सरकारी अस्पतालों के लिए 325 रुपये फिक्स की है। निजी अस्पतालों में 150 रुपये का अतिरिक्त प्रशासनिक शुल्क भी लिया जाएगा यानी कि 5 फीसदी की जीएसटी के साथ प्रति डोज 990 रुपये में पड़ेगा।
हाल ही में मिली थी मंजूरी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में भारत बॉयोटेक के इस इंट्रानेजल वैक्सीन (Intranasal Vaccine) को मंजूरी दी थी। इसे कोवैक्सीन (Covaxin) या कोवीशील्ड (Covishield) की दो डोज के बाद बूस्टर डोज के तौर पर भी लगावाया जा सकता है और प्राइमरी वैक्सीनेशन के तौर पर दो डोज के तौर पर भी। इसे इस महीने के आखिरी तक लॉन्च कर दिया जाएगा लेकिन अस्पतालों में यह तभी उपलब्ध होगी जब कसौली के सेंट्रल ड्रग लैबोलेटरी से वैक्सीन बैच को क्लियरेंस मिल जाती है।