Cyclone Biparjoy: चक्रवात बिपरजोय 15 जून को पहुंच सकता है कच्छ, NDRF और SDRF को तैनात, इन इलाकों में होगी बारिश
Cyclone Biparjoy: एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि 13 से 15 जून के बीच भारी बारिश होने और 150 किलोमीटर (Km) प्रति घंटा की रफ्तार तक हवा बहने से कच्छ, जामनगर, मोरबी, गिर सोमनाथ, पोरबंदर, और देवभूमि द्वारका जिलों के चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना है। तूफान तटीय क्षेत्र में किस जगह पर जमीन से टकराएगा, उसके बारे में आने वाले दिनों में स्थिति साफ होगी।
MoneyControl News
अपडेटेड Jun 11, 2023 पर 10:22 PM
गुजरात के पोरबंदर में चक्रवात बिपरजोय के संभावित लैंडफॉल से पहले तट पर उठती ऊंची लहरें (PHOTO-PTI)
प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘बिपरजोय’ (Cyclone Biparjoy) के कच्छ जिले और पाकिस्तान (Pakistan) के कराची तट के बीच 15 जून को पहुंचने की संभावना है। इसी के मद्देनजर गुजरात (Gujarat) सरकार नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) के दलों को तटीय इलाकों में तैनात कर रही है और छह जिलों में आश्रय केंद्र बनाए। तूफान तटीय क्षेत्र में किस जगह पर जमीन से टकराएगा, उसके बारे में आने वाले दिनों में स्थिति साफ होगी।
एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि 13 से 15 जून के बीच भारी बारिश होने और 150 किलोमीटर (Km) प्रति घंटा की रफ्तार तक हवा बहने से कच्छ, जामनगर, मोरबी, गिर सोमनाथ, पोरबंदर, और देवभूमि द्वारका जिलों के चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ और कराची तट से 15 जून को दोपहर 125-130 Km प्रति घंटा से लेकर 150 Km प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली हवा के साथ चक्रवात के गुजरने की ज्यादा संभावना है।
रिलीफ कमिश्नर आलोक पांडे ने मीडिया से कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तटीय जिलों के जिलाधिकारी, सेना, नौसेना और भारतीय कोस्ट गार्ड के प्रतिनिधियों और अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की है।
पांडे ने कहा कि अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तटीय जिलों में चक्रवात के प्रभाव को कम करने के लिए पहले से तैयारी करें और समन्वय बनाएं।
उन्होंने कहा कि इसके असर से निपटने के लिए गुजरात सरकार तटीय इलाकों में NDRF और SDRF की कई टीम को तैनात कर रही है। साथ ही, सरकार कोस्ट लाइन से 5-10 Km के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए छह जिलों में आश्रय स्थल स्थापित करेगी।
पांडे ने कहा, "बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ समन्वय में ज्यादा से ज्यादा संभव राहत व बचाव कार्य करने का निर्देश दिया है।"
मुख्यमंत्री ने यह जिम्मेदारी तटीय जिलों के वरिष्ठ मंत्रियों को दी है, जो चक्रवात के संभावित असर को ध्यान में रखते हुए डिजास्टर मैनेजमेंट काम की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने में स्थानीय प्रशासन की मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने एक बयान में ऋषिकेश पटेल, कानूभाई देसाई,राघवजी संघवी, जगदीश विश्वकर्ता और पुरषोत्तम सोलंकी को उन जिलों में पहुंचने का निर्देश दिया है, जहां की उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
IMD ने कच्छ, देवभूमि, द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरी जिलों में 14 और 15 जून को भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है।
IMD ने बुलेटिन में कहा कि 14 जून को कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और प्रभावित जिलों में 15 जून को छिटपुट स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर सक्रिय “बिपरजोय” रविवार शाम साढ़े चार बजे आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ गया।
IMD ने प्रभावित होने वाले इलाकों में मछली पकड़ने को पूरी तरह से रोकने की सलाह दी है और मछुआरों को 12 से 15 जून के बीच मध्य अरब सागर और उत्तरी अरब सागर और 15 जून तक सौराष्ट्र-कच्छ तटों के पास न जाने का निर्देश दिया गया है।
IMD ने समुद्र में उतरे लोगों को तट पर लौटने और अपतटीय और तटवर्ती गतिविधियों को विवेकपूर्ण ढंग से नियंत्रित करने की सलाह दी है।
इसने कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ तट से लगे समुद्र में जल बुधवार तक अस्थिर रहेगा और बृहस्पतिवार को यह और बढ़ जाएगा।
मौसम विभाग ने कहा, "उपरोक्त जानकारी के मद्देनजर, राज्य सरकारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखें, नियमित रूप से स्थिति की निगरानी करें और उचित एहतियाती कदम उठाएं। जिला अधिकारियों को स्थिति के अनुसार कदम उठाने की सलाह दी जाती है।"