Cyclone Biparjoy: गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला बिपरजोय, पाकिस्तान से टकराने की आशंका, IMD का इन इलाकों में अलर्ट

Cyclone Biparjoy: IMD ने भारत के अलग-अलग हिस्सों के लिए तेज हवा की चेतावनी भी जारी की है। मौसम विभाग ने कहा कि 7 जून को पूर्व-मध्य अरब सागर और पश्चिम मध्य और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के आसपास के इलाकों में 80-90 Km प्रति घंटे की रफ्तार से 100 Km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है

अपडेटेड Jun 07, 2023 पर 1:03 PM
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Cyclone Biparjoy: गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला बिपारजॉय (FILE PHOTO)

Cyclone Biparjoy: अरब सागर में इस साल उठने वाला पहला चक्रवाती तूफान ‘बिपरजोय’ (Biparjoy) तेजी से गंभीर चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) में तब्दील हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने इससे केरल में मानसून की ‘धीमी’ शुरुआत होने और दक्षिणी प्रायद्वीप के आगे ‘कमजोर’ प्रगति करने का पूर्वानुमान लगाया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे दी गई लेटेस्ट जानकारी के अनुसार, "पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर में चक्रवाती तूफान ‘बिपरजोय’ पिछले छह घंटे में दो किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की तरफ बढ़ा और एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया।"

IMD ने भारत के अलग-अलग हिस्सों के लिए तेज हवा की चेतावनी भी जारी की है। मौसम विभाग ने कहा कि 7 जून को पूर्व-मध्य अरब सागर और पश्चिम मध्य और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के आसपास के इलाकों में 80-90 Km प्रति घंटे की रफ्तार से 100 Km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इन हवाओं की गति 95-105 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ सकती है, जो उसी क्षेत्र में 115 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। यह मौसम की स्थिति उत्तर केरल, कर्नाटक और गोवा को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगी।


इस बीच, चक्रवाती तूफान के पाकिस्तान में दस्तक देने की संभावना है। मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा कि 6 जून को सुबह 08:30 बजे तक डिप्रेशन कराची से लगभग 1,490 Km दक्षिण में था।

एजेंसी ने बताया, "यह सुबह करीब साढ़े पांच बजे गोवा से करीब 890 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में, मुंबई से 1,000 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, पोरबंदर से 1,070 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और कराची से 1,370 किलोमीटर दक्षिण में उसी जगह पर केंद्रित रहा।’’

पूर्वानुमान एजेंसियों के मुताबिक, तूफान ‘तेजी से उग्र रूप अख्तियार कर रहा है।’ IMD ने मंगलवार को कहा था कि चक्रवात से मानसून की प्रगति प्रभावित होने की संभावना है।

प्राइवेट वेदर फोरकास्ट एजेंसी ‘स्काइमेट वेदर’ ने बताया कि केरल में मानसून आठ या नौ जून को दस्तक दे सकता है। इस दौरान, हल्की बारिश होने ही संभावना है।

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उसने कहा, "अरब सागर में ऐसी शक्तिशाली मौसम प्रणालियां अंदरूनी रीजन में मानसून के आगमन को प्रभावित करती हैं। चक्रवात के प्रभाव में मानसून तटीय हिस्सों में धीमी गति से पहुंच सकता है, लेकिन इसे पश्चिम घाटों से आगे जाने में संघर्ष करना पड़ेगा।"

दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर एक जून को केरल में दस्तक देता है। इसके आगमन के समय में सात दिन का अंतर हो सकता है। मई के मध्य में IMD ने कहा था कि मानसून चार जून तक केरल पहुंच सकता है।

स्काईमेट ने पहले मानसून के सात जून को केरल में दस्तक देने का पूर्वानुमान लगाते हुए कहा था कि यह तीन दिन पहले या बाद में वहां पहुंच सकता है।

दक्षिण-पूर्वी मानसून ने पिछले साल 29 मई को, 2021 में तीन जून को, 2020 में एक जून को, 2019 में आठ जून को और 2018 में 29 मई को केरल में दस्तक दी थी।

IMD ने पहले कहा था कि एल-नीनो की स्थिति विकसित होने के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम में भारत में सामान्य बारिश होने की संभावना है।

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