Cyclone Biparjoy: तेजी से बढ़ रहा चक्रवाती तूफान 'बिपरजॉय', अरब सागर में दी दस्तक, इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका

Cyclone Biparjoy: अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र और इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका के मद्देनजर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर मछुआरों से उन क्षेत्रों में नहीं जाने को कहा जो इससे प्रभावित हो सकते हैं। IMD ने एक बुलेटिन में बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे कम दबाव का क्षेत्र गोवा से 950 किलोमीटर दूर, मुंबई से 1100 किलोमीटर दूर, पोरबंदर से 1190 किलोमीटर तथा पाकिस्तान में कराची से 1490 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित था

अपडेटेड Jun 07, 2023 पर 11:17 AM
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Cyclone Biparjoy: मौसम विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात सहित कई समुद्री राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की भविष्यवाणी की है

इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने कहा कि दक्षिणपूर्व अरब सागर के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र मंगलवार शाम चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय (Cyclone Biparjoy)’ में तब्दील हो गया। IMD ने एक बुलेटिन में कहा कि दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र चार किलोमीटर प्रतिघंटे की गति के साथ लगभग उत्तर की ओर बढ़ा और एक चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ में तब्दील हो गया। शाम साढ़े पांच बजे यह गोवा से लगभग 920 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, मुंबई से 1050 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, पोरबंदर से 1130 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और कराची से 1430 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।

इसके लगभग उत्तर की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे एक बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। इस दौरान केरल-कर्नाटक तटों और लक्षद्वीप-मालदीव इलाकों में छह जून और कोंकण-गोवा-महाराष्ट्र तट पर आठ से 10 जून तक समुद्र में बहुत ऊंची लहरें उठने की आशंका है। समुद्र में उतरे मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है।

मॉनसून हो सकता है प्रभावित


IMD के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने और इसके गहरा होने से मानसून का केरल तट की ओर आगमन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने केरल में मानसून के आगमन की संभावित तारीख नहीं बताई है। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ‘स्काइमेट वेदर’ ने बताया कि केरल में मानसून 8 या 9 जून को दस्तक दे सकता है लेकिन इस दौरान हल्की बारिश की ही संभावना है।

मौसम विभाग ने कहा कि अरब सागर में मौसम की ये शक्तिशाली प्रणालियां अंदरुनी क्षेत्रों में मानसून के आगमन को प्रभावित करती हैं। इसके प्रभाव में मानसून तटीय हिस्सों में पहुंच सकता है लेकिन पश्चिम घाटों से आगे जाने में उसे संघर्ष करना पड़ेगा। स्काईमेट ने पहले मानसून के 7 जून को केरल में दस्तक देने का पूर्वानुमान जताया था। IMD में वरिष्ठ वैज्ञानिक डी एस पई ने बताया कि केरल में सोमवार को भी अच्छी बारिश हुई और स्थितियां अगले दो से तीन दिन में मानसून के आगमन के लिए अनुकूल हैं।

इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात सहित कई समुद्री राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। बिपरजॉय के चलते 24 घंटे में कोंकण के तटीय इलाके रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदर्ग के अलावा मुंबई, ठाणे एवं पालघर में तेज हवाओं के साथ बारिश देखने को मिल सकती है।

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अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र और इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका के मद्देनजर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर मछुआरों से उन क्षेत्रों में नहीं जाने को कहा जो इससे प्रभावित हो सकते हैं। IMD ने एक बुलेटिन में बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे कम दबाव का क्षेत्र गोवा से 950 किलोमीटर दूर, मुंबई से 1100 किलोमीटर दूर, पोरबंदर से 1190 किलोमीटर तथा पाकिस्तान में कराची से 1490 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित था।

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