Cyclone Biparjoy: चक्रवाती तूफान बिपरजोय कल गुजरात के तट से टकरा गया। इसके बाद यह खतरान होता जा रहा है। तेज हवाएं चलने लगीं। कई जिलों में मूसलाधार बारिश जारी है। तेज गति से हवाएं चल रही हैं। इसके चलते जगह-जगह बिजली के खंभे उखड़ गए। बड़े-बड़े पेड़ धाराशायी हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक, कम से कम 22 लोग घायल हो चुके हैं। वहीं 23 जानवरों की मौत हो चुकी है। 900 से ज्यादा गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र, द्वारका और कच्छ के समुद्री तट के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। गुजरात के 7 जिलों और 450 से अधिक गांव अलर्ट पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री से हालात का जायजा लिया।
अरब सागर में उठा यह तफान अब तक का सबसे लंबा तूफान कहा जा रहा है। इससे पहले गुजरात तट से 17 मई 2021 को तौकते तूफान टकराया था। बिपरजोय तूफान की लाइफ 10 दिन 12 घंटे है। इससे पहले 2009 में आए क्यार की लाफइ 9 दिन 15 घंटे की थी। वहीं मौसम विभाग के मुताबित, महातूफान बिपरजोय 16 जून को दक्षिणी राजस्थान तक पहुंच जाएगा। इसके चलते निचले इलाकों में रह रहे लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। तूफान के चलते राजस्थान में आज भारी बारिश का आशंका जताई जा रही है।
गुजरात में आए बिरजोय से भारी नुकसान हुआ है। भुज के जिलाधिकारी अमित अरोड़ा ने बताया कि अब तक करीब 150-200 बिजली के खंभे गिर गए हैं। 6 बिजली उपकेंद्र बंद हैं। स्थिति नियंत्रण में हैं। करीब 180-200 पेड़ गिर गए हैं। सभी को हटा दिया गया है। हम स्थिति पर अपनी नजर बनाए हैं। वहीं कच्छ जिले के जखाऊ और मांडवी कस्बों के पास कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए है। जबकि घर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली टिन की चादरें उड़ गईं। द्वारका में पेड़ गिरने से तीन लोगों को चोटें आई हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। गुजरात पुलिस राष्ट्रीय आपदा बल और सेना के दल द्वारका के अलग-अलग हिस्सों में उखड़े पेड़ों और बिजली के खंभों को हटाने के काम में जुटे हुए हैं।
वहीं पश्चिम रेलवे ने एहतियात के तौर पर कुछ और ट्रेनों को कैंसिल करने का फैसला किया है। पश्चिम रेलवे ने एक प्रेस रिलीज में कहा उसने एहतियात के तौर पर 23 और ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। इसके अलावा तीन ट्रेनों को गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया है। जबकि सात अन्य ट्रेन उनके तय स्टेशन की जगह दूसरे स्टेशन से चलाई जाएंगी।
भावनगर में पिता-पुत्र की मौत
गुजरात के भावनगर में अपनी बकरियों को बचाने के चक्कर में पिता-पुत्र की मौत हुई है। चक्रवात की वजह से तेज बारिश हो रही थी। उनकी बकरियां नाले में बह रही थीं। उन्हें बचाने के चक्कर में दोनों की मौत हो गई।
राजस्थान के सीएम ने दिया यह बयान
तूफान के चलते दिल्ली में अगले 4 दिन तक भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही अगले 4 दिनों तक राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश होगी। इस बीच राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि आम लोगों को चक्रवाती तूफान बिपरजोय से घबराने की जरूरत नहीं है। हम बिपरजोय और इसके साथ आने वाली भारी बारिश का सामना करने के लिए तैयार हैं। सीएम ने आला अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।
जंगली जावनरों की सुरक्षा पर पीएम ने जताई चिंता
वहीं चक्रवाती तूफान बिपरजोय गुजरात में रातभर झकझोरता रहा। मौसम विभाग ने बताया है कि आज दोपहर के बाद हवाओं की रफ्तार कम होगी। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देर रात तक गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल से अपडेट लेते रहे। उन्होंने फोन कर चक्रवात से प्रभावित इलाकों के बारे में जानकारी ली। पीएम ने जंगली जानवरों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने गिर के जंगल में शेरों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी ली।
मुंबई में भी बिपरजोय का असर
चक्रवाती तूफान बिपरजोय का असर मुंबई में भी देखने को मिल रहा है। समुद्र से ऊंची लहरें उठ रही हैं। पिछले कई दिनों से तेज हवाएं चल रही है। हालांकि इन हवाओं से मुंबईकरों को गर्मी में राहत दे रही है।