Get App

Cyclone Biparjoy: गुजरात में आई तबाही, कई गांव अंधेरे में डूबे, अब राजस्थान की ओर बढ़ा महातूफान

Cyclone Biparjoy: चक्रवाती तूफान गुजरात में लैंडफॉल कर चुका है। अब यह राजस्थान की ओर बढ़ रहा है। अब तक का इसे सबसे लंबा तूफान कहा जा रहा है। इससे पहले गुजरात तट से 17 मई 2021 को तौकते तूफान टकराया था। अरब सागर में उठा तूफान इस साल का पहला तूफान है। यह बिपरजोय अरब सागर सबसे लंबा तूफान भी बन चुका है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 16, 2023 पर 9:23 AM
Cyclone Biparjoy: गुजरात में आई तबाही, कई गांव अंधेरे में डूबे, अब राजस्थान की ओर बढ़ा महातूफान
Cyclone Biparjoy: अरब सागर में उठे तूफान की लाइफ 10 दिन 12 घंटे है

Cyclone Biparjoy: चक्रवाती तूफान बिपरजोय कल गुजरात के तट से टकरा गया। इसके बाद यह खतरान होता जा रहा है। तेज हवाएं चलने लगीं। कई जिलों में मूसलाधार बारिश जारी है। तेज गति से हवाएं चल रही हैं। इसके चलते जगह-जगह बिजली के खंभे उखड़ गए। बड़े-बड़े पेड़ धाराशायी हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक, कम से कम 22 लोग घायल हो चुके हैं। वहीं 23 जानवरों की मौत हो चुकी है। 900 से ज्यादा गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र, द्वारका और कच्छ के समुद्री तट के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। गुजरात के 7 जिलों और 450 से अधिक गांव अलर्ट पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री से हालात का जायजा लिया।

अरब सागर में उठा यह तफान अब तक का सबसे लंबा तूफान कहा जा रहा है। इससे पहले गुजरात तट से 17 मई 2021 को तौकते तूफान टकराया था। बिपरजोय तूफान की लाइफ 10 दिन 12 घंटे है। इससे पहले 2009 में आए क्यार की लाफइ 9 दिन 15 घंटे की थी। वहीं मौसम विभाग के मुताबित, महातूफान बिपरजोय 16 जून को दक्षिणी राजस्थान तक पहुंच जाएगा। इसके  चलते निचले इलाकों में रह रहे लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। तूफान के चलते राजस्थान में आज भारी बारिश का आशंका जताई जा रही है।

गुजरात में भारी तबाही

गुजरात में आए बिरजोय से भारी नुकसान हुआ है। भुज के जिलाधिकारी अमित अरोड़ा ने बताया कि अब तक करीब 150-200 बिजली के खंभे गिर गए हैं। 6 बिजली उपकेंद्र बंद हैं। स्थिति नियंत्रण में हैं। करीब 180-200 पेड़ गिर गए हैं। सभी को हटा दिया गया है। हम स्थिति पर अपनी नजर बनाए हैं। वहीं कच्छ जिले के जखाऊ और मांडवी कस्बों के पास कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए है। जबकि घर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली टिन की चादरें उड़ गईं। द्वारका में पेड़ गिरने से तीन लोगों को चोटें आई हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। गुजरात पुलिस राष्ट्रीय आपदा बल और सेना के दल द्वारका के अलग-अलग हिस्सों में उखड़े पेड़ों और बिजली के खंभों को हटाने के काम में जुटे हुए हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें