Cyclone Biparjoy: कब, कहां और कैसे टकराएगा चक्रवात बिपरजोय, मुंबई में फ्लाइट पर ऑपरेशन पर भी असर, पढ़ें IMD का पूरा फोरकास्ट
Cyclone Biparjoy: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती गतिविधियों के कारण, सौराष्ट्र और कच्छ के तटों के साथ-साथ समुद्र की स्थिति बुधवार तक “खराब से बहुत खराब” और गुरुवार को 'बहुत ज्यादा खराब' रहने की संभावना है। बिपरडजोय एक गंभीर चक्रवात तूफान में बदल जाने के बाद मुंबई में समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें और बारिश भी देखी गई
MoneyControl News
अपडेटेड Jun 12, 2023 पर 10:54 AM
Cyclone Biparjoy: पोरबंदर में चक्रवात बिपरजोय के संभावित लैंडफॉल से पहले तट पर समुद्र की ऊंची उठती लहरें (PHOTO-PTI)
चक्रवाती तूफान बिपरजोय (Cyclone Biparjoy) एक 'बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान' (extremely severe cyclonic storm) में बदल गया और इसके दक्षिण-दक्षिण पश्चिम गुजरात (Gujarat) और पाकिस्तान (Pakistan) के आस-पास के तटों से टकराने की संभावना है। तूफान के टकराने के मद्देनजर, सौराष्ट्र और कच्छ के तटों के साथ-साथ अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवात किस जगह लैंडफॉल करेगा, यह आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती गतिविधियों के कारण, सौराष्ट्र और कच्छ के तटों के साथ-साथ समुद्र की स्थिति बुधवार तक “खराब से बहुत खराब” और गुरुवार को 'बहुत ज्यादा खराब' रहने की संभावना है। बिपरडजोय एक गंभीर चक्रवात तूफान में बदल जाने के बाद मुंबई में समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें और बारिश भी देखी गई।
मौसम विभाग ने 15 जून तक इलाके में मछली पकड़ने पर पूरी तरह से रोक लगाने की सलाह दी है। साथ ही मछुआरों को 12-15 जून के दौरान मध्य अरब सागर, उत्तरी अरब सागर में और 15 जून तक सौराष्ट्र-कच्छ तटों पर नहीं जाने के लिए कहा है।
IMD ने समुद्र में जाने वालों को भी तट पर लौटने और ऑफशोर और ऑनशोर गतिविधियों को विवेकपूर्ण तरीके से नियंत्रित करने की सलाह दी।
IMD ने कहा “चक्रवात तूफान के मद्देनजर, राज्य सरकारों को सलाह दी जाती है कि वे कड़ी निगरानी रखें, अपने इलाकों में स्थिति की नियमित रूप से निगरानी करें और उचित एहतियाती कदम उठाएं करें।"
कैसा होगा चक्रवात बिपरजोय का मूवमेंट?
रविवार को शाम 4:30 बजे, पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बिपरजोय 8 Km प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पूर्व की ओर बढ़ा।
मौसम विभाग ने कहा कि यह मुंबई से लगभग 550 Km पश्चिम में, पोरबंदर से 450 Km दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में, द्वारका से 490 Km दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और कच्छ में नलिया से 570 Km दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और कराची से 750 Km दक्षिण में केंद्रित है।
IMD ने कहा, "इसके 15 जून को दोपहर तक मांडवी (गुजरात) और कराची (पाकिस्तान) के बीच सौराष्ट्र और कच्छ और पाकिस्तान के आसपास के तटों को पार करने की बहुत संभावना है। इस दौरान 125-135 Km प्रति घंटे की रफ्तार से 150 Km प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।"
गुजरात में तूफान से ज्यादा नुकसान की आशंका
कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, मोरबी, जूनागढ़ और राजकोट सहित गुजरात के कई जिलों में 15 जून को काफी नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
न्यूज एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान फूस और कच्चे घर टूट सकते हैं, पक्के घरों को भी नुकसान हो सकता है, बिजली और टेलीफोन लाइन के खंभे उखड़ सकते हैं और हल्की चीजों के उड़ने का संभावित खतरा भी है।
इसके अलावा, ट्रांसपोर्टेशन में रुकावट आ सकती है, और फसलों, वृक्षारोपण और बागों को भारी नुकसान की आशंका है। इन इलाकों में विजिबिलिटी गंभीर रूप से प्रभावित होगी, और छोटी नावों को भी खतरा हो सकता है।
गुजरात सरकार की तैयारी
गुजरात सरकार तटीय इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात कर रही है और बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजोय के राज्य के तट पर आने से पहले छह जिलों में शेल्टर होम बना रही है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों को अग्रिम योजना और आपदा प्रबंधन का काम सौंपा है। ये मंत्री जिला व्यवस्थाओं को मार्गदर्शन और सहायता देंगे।
इन मंत्रियों को दी गई जिम्मेदारी: कच्छ जिले के लिए ऋषिकेश पटेल, मोरबी के लिए प्रफुल्ल भाई पंशेरिया और कनुभाई देसाई, राजकोट जिले के लिए राघवजी पटेल, पोरबंदर के लिए कुवरजी बावलिया, जामनगर जिले के लिए मुलु भाई बेरा, देवभूमि द्वारका के लिए हर्ष संघवी, जूनागढ़ के लिए जगदीश विश्वकर्मा जिला, और गिर सोमनाथ के लिए पुरुषोत्तम सोलंकी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इन सभी मंत्रियों को तत्काल अपने-अपने जिलों में पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
मौसम पर कैसा होगा असर
IMD ने 14 और 15 जून को कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
IMD बुलेटिन ने कहा 14 जून को, कुछ जगहों पर "भारी से बहुत भारी" और 15 जून को प्रभावित जिलों में अलग-अलग जगहों पर "बेहद भारी" होने की संभावना है। सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात क्षेत्रों के बाकी जिले में उस दिन बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
चक्रवात बिपारजोय के कारण खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए, मुंबई एयरपोर्ट पर एक रनवे को बंद कर दिया गया, जिससे कुछ फ्लाइट कैंसल और लेट हो गईं।