दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने पांच देशों के रेसलिंग फेडरेशन (Wrestling Fedration) को नोटिस भेजकर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ शीर्ष भारतीय पहलवानों (Wrestlers) की तरफ से यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ी जानकारी और CCTV फुटेज की मांग की है। पहलवानों ने 21 अप्रैल को अपनी FIR में आरोप लगाया था कि उन्हें इंडोनेशिया, बुल्गारिया, किर्गिस्तान, मंगोलिया और कजाकिस्तान में टूर्नामेंट के दौरान परेशान किया गया था।
Hindustan Times के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने FIR दर्ज करने के एक हफ्ते के भीतर अलग-अलग फेडरेशन को लिखा था और उनमें से कुछ ने जवाब भी दिया है। मुझे नहीं पता कि इस मुद्दे को फिर से क्यों उठाया जा रहा है।”
ये जानकारी ऐसे समय में आई, जब दिल्ली पुलिस इस मामले में 15 जून तक अदालत में चार्जशीट दायर करने की तैयारी कर रही है। कथित तौर पर, अधिकारियों ने अब तक 200 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें विरोध करने वाले पहलवान, कोच और रेफरी शामिल हैं। पुलिस ने WFI में भूषण के सहयोगियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
पहलवानों से भूषण के खिलाफ 'सबूत' देने को कहा
कथित तौर पर, दिल्ली पुलिस ने दो महिला पहलवानों से पूछताछ की है। इन पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सांस चेक करने के बहाने उनकी छाती और पेट को छूने का आरोप लगाया था। सबूत के तौर पर तस्वीरें, ऑडियो और वीडियो प्रदान करने के लिए कहा है। अपने आरोप वापस लें। पुलिस ने आरोपों के समर्थन में सबूत के तौर पर तस्वीरें, ऑडियो और वीडियो उपलब्ध कराने के लिए। रविवार को छह में से चार महिला एथलीटों ने अपने आरोपों की पुष्टि के लिए ऑडियो और विजुअल साक्ष्य मुहैया कराए।
पहलवान 23 अप्रैल से सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और यौन उत्पीड़न के आरोपों में उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पहलवानों ने 7 जून को खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से आश्वासन मिलने के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया। उन्होंने कहा था कि सिंह के खिलाफ 15 जून तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
इस बीच, विरोध करने वाले पहलवानों को लग रहा है कि WFI प्रमुख को जल्द ही गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।