Delhi Weather Forecast: राष्ट्रीय राजधानी में अगले पांच दिन तक आसमान में बादल (Cloud) छाए रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बृहस्पतिवार को ये जानकारी दी। IMD के मुताबिक हालांकि, इस दौरान बारिश (Rains) के कोई आसार नहीं हैं। दिल्ली में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम के औसत तापमान से एक डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की तरफ से शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 85 दर्ज किया गया।
AQI 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
IMD के बुलेटिन के मुताबिक, शाम 5.30 बजे रिलेटिव ह्यूमिडिटी 67 प्रतिशत दर्ज की गई। दिल्ली में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे 29.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
हिमाचल प्रदेश: कुल्लू में इमारतें गिरीं, भूस्खलन से सड़क बंद
वहीं बारिश से प्रभावित हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में भूस्खलन (Landslides) के कारण बृहस्पतिवार को कुल्लू (Kullu) जिले में कई इमारतें ढह गईं और मंडी (Mandi) जाने वाली सड़क बंद होने के चलते सैकड़ों यात्रियों को राहत शिविरों की शरण लेनी पड़ी। बुधवार रात को कुल्लू-मंडी मार्ग पर पंडोह के पास शिविरों में 900 से ज्यादा लोग थे।
शिमला के समर हिल इलाके में 14 अगस्त को हुए भूस्खलन में एक शिव मंदिर मलबे में दब गया था। बृहस्पतिवार को उसके मलबे से तीन और शव बरामद किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि कुल्लू के आनी कस्बे में गिरी सात या आठ इमारतों को पहले ही खाली करा लिया गया था और कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकारियों ने शुक्रवार को शिमला के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।
इस महीने राज्य में भूस्खलन और बारिश से जुड़ी दूसरी घटनाओं में लगभग 120 लोगों की मौत हो चुकी है। 14 अगस्त के बाद से ही लगभग 80 लोग मारे गए हैं। 24 जून को मानसून शुरू होने के बाद से हिमाचल प्रदेश में कुल 242 लोगों की मौत हुई है।