Digital Highway का लीजिए मजा, NHAI बनाएगा 10000 किमी का हाइवे, मिलेंगी ये सुविधाएं

Digital Highway: NHAI वित्त वर्ष 2024-25 तक करीब 10,000 किलोमीटर डिजिटल हाइवे बनाने की तैयारी में है। इसमें पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से मुंबई एक्सप्रेसवे पर करीब 1,367 किमी और हैदरबाबाद- बेंगलुरु कॉरिडोर 512 किमी का डिजिटल हाइवे बनाया जाएगा। इन हाइवे पर फाइबर ऑप्टिकल बिछाने का काम भी किया जाएगा। इससे हाइवे के विकास को गति मिलेगी

अपडेटेड Apr 20, 2023 पर 6:26 PM
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नेशनल हाइवे के किनारे OFC बिछाने का काम शुरू हो गया है। इस काम को करीब 1 साल में पूरा कर लिया जाएगा

Digital Highway: सड़क के विकास की दिशा में भारत अब एक और कदम आगे बढ़ने की तैयारी में है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India- NHAI) वित्त वर्ष 2024-25 तक देशभर में आप्टिकल फाइबर केबल (Optic Fibre Cables -OFC) का करीब 10,000 किलोमीटर का हाइवे बनाने की तैयारी की है। NHAI के पूर्ण स्वामित्व वाली विशेष इकाई नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक्स मैंनेजमेंट लिमिटेड (National Highways Logistics Management Limited -NHLML) OFC ढांचा बनाने के लिए नेशनल हाइवे के किनारे एकीकृत उपयोग गलियारों (integrated utility corridors) का निर्माण कर डिजिटल हाइवे का नेटवर्क बनाएगी।

टेस्टिंग के तौर पर डिजिटल हाइवे विकास के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) पर करीब 1,367 किलोमीटर और हैदराबाद-बेंगलुरु गलियारे (Hyderabad-Bangalore corridor) पर 512 किलोमीटर तक डिजिटल हाइवे बनाने के लिए पहचान कर ली गई है।

एक साल में बिछ जाएगा OFC


नेशनल हाइवे के किनारे OFC बिछाने का काम शुरू हो गया है। इस काम को करीब 1 साल में पूरा कर लिया जाएगा। यह OFC नेटवर्क देश के दूर-दराज तक तक इंटरनेट कनेक्टिविटी मुहैया कराएगा। इससे नए युग की 5जी और 6जी जैसे नेटवर्क को रोलआउट करने में मदद मिलेगी। डिजिटल हाइवे के बनने से विकास की गति को तेजी मिलेगी। इसके साथ ही यह हमारे देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (digital transformation) में भी बड़ा योगदान होगा। बता दें कि दिल्ली-मुंबई नेशनल हाइवे पर हाल ही में 246 किलोमीटर लंबे दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड का उद्घाटन किया गया है। इसमें ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने के लिए तीन मीटर का गलियारा बनाया गया है। इलाके में 5G नेटवर्क मुहैया कराने के लिए यह बहुत जरूरी है।

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इस तरह करेगा काम

टेलीकॉम/इंटरनेट सर्विसेस के लिए OFC नेटवर्क डायरेक्ट प्लग-एंड-प्ले (किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को कंप्यूटर से कनेक्ट करते ही उसका उपयोग करना) या 'फाइबर--ऑन-डिमांड' मॉडल पर काम करेगा। इसे योग्य यूजर्स (eligible users) को एक वेब पोर्टल के जरिए ओपन फॉर ऑल (open for all) आधार पर एक निश्चित मूल्य आवंटन (fixed price allotment) मैकेनिज्म के अनुसार लीज पर दिया जाएगा। बयान में आगे कहा गया है कि OFC आवंटन पॉलिसी को डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (department of telecommunications -DoT) और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Telecom Regulatory Authority of India -TRAI) की सलाह पर अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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