COVID-19 महामारी के कारण पिछले साल के नरमी और कम उत्साह से दिवाली मनाने के बाद इस साल त्योहारों की खरीदारी के लिए सजे हुए बाजारों में मौज-मस्ती और खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसकी वजह से त्योहारी कारोबार 1.25 लाख करोड़ रुपये के लेवल पर पहुंच गया। बिजनेस स्टैंडर्ड ने के मुताबिक कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders(CAIT) के अनुसार इस साल के कारोबारी आंकड़े ने दिवाली पर पिछले 10 साल के बिक्री के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
लगभग 7 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यापारिक संस्था ने कहा कि दिवाली 2021 की अविश्वसनीय बिक्री ने पिछले दो वर्षों से जारी आर्थिक मंदी को खतम कर दिया। CAIT ने कहा कि दिवाली कारोबार में जोरदार बिक्री से उत्साहित होकर अब व्यापारी 14 नवंबर से शुरू होने वाले शादियों के सीजन के लिए तैयारी कर रहे हैं।
CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया (BC Bhartia) और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल (Praveen Khandelwal) ने कहा कि इस साल के दिवाली त्योहार में पूरे देश में लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये का अनुमानित कारोबार हुआ है जो पिछले एक दशक में अब तक का रिकॉर्ड आंकड़ा है। दूसरी तरफ अकेले दिल्ली में यह कारोबार करीब 25,000 करोड़ रुपये का रहा।
उन्होंने आगे कहा कि इस बार कोई चीनी सामान नहीं बेचा गया और ग्राहकों ने भी भारत में बने सामान की खरीदारी पर जोर दिया। खरीदारी के इस रुझान के कारण चीन को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का नुकसान उठाना पड़ा।
CAIT के अनुसार पारंपरिक दिवाली आइटम जैसे मिट्टी के दीये, पेपर माचे लैंप, मोमबत्तियां आदि की अत्यधिक मांग होने के कारण भारतीय कारीगरों का अच्छा व्यापार हुआ। इसके आलावा घर की सजावट के सामान, मिठाईयां, सूखे मेवे, कपड़े, जूते, घड़ियां और खिलौने जैसे अन्य उत्पादों की मांग भी बहुत ज्यादा रही।
जहां तक सोने के आभूषणों और चांदी के आभूषणों या बर्तनों की बात है अबकी बार दिवाली 2021 के दौरान 9,000 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। इसके अतिरिक्त इस साल 15,000 करोड़ रुपये की पैकेजिंग वस्तुओं की बिक्री हुई।