Himanta Biswa Sarma 2.0: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की अगुवाई में असम कैबिनेट ने बुधवार (13 मई) को अपनी पहली ही बैठक में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी। UCC बिल 26 मई को असम सरकार के पहले विधानसभा सत्र के आखिरी दिन पेश किया जाएगा। धार्मिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रथाओं को UCC के दायरे से बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा आदिवासी समुदायों को भी UCC से छूट दी जाएगी।
UCC में ये प्रावधान शामिल
लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नए नियम
शादियों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन होगा
कैबिनेट ने लिए कई और बड़े फैसले
सभी वादों को पूरा करेगी सरकार
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करेगी। सरमा मुख्यमंत्री के रूप में लगातार दूसरी बार शपथ लेने के बाद अपने पहले आधिकारिक कार्यक्रम में असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई के स्मारक पर गए और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर सीएम के साथ उनके मंत्रिमंडल के चार सहयोगी भी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि बोरदोलोई ने स्वतंत्रता से पहले और बाद में असम तथा प्रदेश के लोगों की रक्षा के लिए अथक प्रयास किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि असम की 16वीं विधानसभा का पहला सत्र 21 मई से शुरू होगा, जिसके तीन दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है। इस सत्र के दौरान नव निर्वाचित विधायक शपथ लेंगे। अपने मंत्रिमंडल के विस्तार के संबंध में सरमा ने कहा कि विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का ध्यान भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने पर होगा। सरमा ने मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और गैर-राजग मुख्यमंत्रियों, उद्योगपतियों आदि की इसमें मौजूदगी, राष्ट्रीय मंच पर असम के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कई लोग जो समारोह में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने भी सरकार का समर्थन किया और टीवी पर इस कार्यक्रम को देखा।